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केंद्र सरकार तानाशाह, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग विपक्ष का‌ आरोप पेपर लीक क्यों?

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पटना | बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले दिन ही सदन के बाहर सियासी तापमान बढ़ गया। महागठबंधन के विधायक और विधान परिषद सदस्य शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तथा नीट पेपर लीक समेत परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए विधानसभा पहुंचे। विपक्ष ने छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही की मांग की।

महागठबंधन के नेताओं ने शहीद स्मारक से विधानसभा तक पैदल मार्च किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनके हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर “शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो”, “पेपर लीक पर जवाब दो” और “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारे लिखे थे।

मामले की हो निष्पक्ष जांच – विपक्ष

विपक्ष का आरोप है कि लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। नेताओं का कहना है कि सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में विफल रही है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान राजद विधायक गौतम कृष्ण और राजद विधायक रणविजय साहू सहित कई विपक्षी नेताओं ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि यह मुद्दा मानसून सत्र के दौरान सदन के भीतर भी प्रमुखता से उठाया जाएगा और सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा जाएगा।

पांच दिनों तक चलेगा सत्र

बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र पांच दिनों तक चलेगा। पहले ही दिन विपक्ष के इस प्रदर्शन ने यह संकेत दे दिया है कि आगामी दिनों में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और अन्य जनहित के मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है।

पटना से अमित कुमार की रिपोर्ट

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