पटना :बिहार पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए राज्य सरकार कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। पर्यटन विभाग की प्रेस वार्ता में बताया गया कि राज्य के प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों के समग्र विकास के लिए अनेक योजनाएं प्रगति पर
मंदिरों के निर्माण कार्यों की हो रही है समीक्षा
विभाग के अनुसार जानकी कॉरिडोर की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा की जा रही है। इसके अलावा हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर, सोमेश्वर मंदिर तथा माता सीता की जन्मस्थली सहित कई धार्मिक स्थलों के विकास की योजनाएं तैयार हैं। कुछ प्रस्तावों का मास्टर प्लान तैयार कर कैबिनेट को भेजा जा चुका है और स्वीकृति के बाद कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
श्रावणी मेला और धार्मिक पर्यटन को ध्यान में रखते हुए कांवड़िया मार्ग सहित विभिन्न मार्गों पर 101 थीम आधारित प्रवेश द्वार (गेट) बनाए जाएंगे। इनमें भगवान शिव के 11 स्वरूपों पर आधारित विशेष गेट भी होंगे, जहां श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वाटर मिस्ट सिस्टम लगाया जाएगा।
पर्यटन विभाग ने बताया कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत बौद्ध धर्म एवं अनुभव केंद्र का निर्माण किया जाएगा। वहीं मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना के माध्यम से स्थानीय लोगों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे।
बिहार में पर्वत पर्यटन के विकास पर दिया जा रहा है जोड़
राज्य में पर्वत पर्यटन के विकास के लिए आधारभूत संरचना तैयार करने में हुडको का सहयोग लिया जा रहा है। मोकामा में सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यटन विकास की विशेष योजना पर कार्य चल रहा है। कई अन्य पर्यटन परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार भूमि भी उपलब्ध करा चुकी है।
पर्यटकों को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बिहार हेली टूरिज्म और एयर टूरिज्म सेवा को भी मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही राज्य में पर्यटन को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने के लिए पटना में तीन, राजगीर में दो और वैशाली में एक पांच सितारा होटल का निर्माण किया जा रहा है। वहीं श्रावणी मेला के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे तथा पटना में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की प्रतियोगिता भी कराई जाएगी।
पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक 3 करोड़ 42 लाख 34 हजार 761 पर्यटक बिहार का भ्रमण कर चुके हैं। प्रगति यात्रा के दौरान पर्यटन स्थलों के विकास से संबंधित 36 घोषणाओं के लिए 2,710 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। विभाग का कहना है कि सरकार का लक्ष्य बिहार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक सशक्त पहचान दिलाना है।
पटना से अमित कुमार की रिपोर्ट।









