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खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरतों का सामान हुआ महंगा, जून में थोक महंगाई 9.81%

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नई दिल्ली: देश में महंगाई का दबाव आम लोगों की जेब पर लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। जून माह के दौरान खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की कई वस्तुओं के दाम बढ़ने से थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर बढ़कर 9.81% दर्ज की गई, जो पिछले 44 महीनों का उच्चतम स्तर बताई जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सब्जियों, खाद्य तेल, दाल, मसाले और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का असर थोक बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। इसका प्रभाव आने वाले समय में खुदरा बाजार पर भी पड़ सकता है।

खुदरा महंगाई में लगातार बढ़ोतरी

वहीं, खुदरा महंगाई (CPI) में भी लगातार बढ़ोतरी का रुख बना हुआ है। बीते छह महीनों से खुदरा महंगाई में वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे आम परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

आने वाले दिनों में महंगाई मैं होगी वृद्धि – अर्थशास्त्री 

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यदि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण नहीं हुआ, तो आने वाले महीनों में उपभोक्ताओं को और अधिक महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। सरकार और संबंधित एजेंसियां बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं तथा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही जा रही है.

– मानवाधिकार संदेश न्यूज़ डेस्क

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