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March 4, 2024 1:24 pm

भासा संघर्ष समिति(बिहार)का चैट हुआ लिक,दंत और आयुष चिकित्सको पर किया गया अभद्र टिप्पणी

पटना: बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) के कुछ डॉक्टरों द्वारा डेंटल और आयुष डॉक्टरो पर अमर्यादित टिप्पणी की गई है। यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि जो चैट है उसे पढ़कर आप भी उसका अर्थ लगा सकते हैं। यह पढ़े लिखे लोगों का समूह है। इस तरह की टीका टिप्पणी केवल एक सोशल मीडिया के ग्रुप में बने रहने के लिए,या फिर अपना महत्व लोगों या अपने साथ काम करने वाले अपने सहयोगियों को बताने के लिए किया जा रहा है की हम बड़े हैं। आईए आपको हम भासा संघर्ष समिति का पहला चैट दिखाते हैं ।

भासा के डॉक्टरों द्वारा की गई टिप्पणी ।जिसमें दांत और आयुष चिकित्सकों को भासा के ग्रुप से बाहर निकालने निवेदन किया जा रहा है

Please filter our all the Dentist and Aayush people form doctors group….. they are not even Doctors…..and they call themselves Doctors.

बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा )के डॉक्टरों द्वारा की गई दूसरी टिप्प्णी

भासा संघर्ष समिति के डॉक्टर द्वारा की गई टिप्पणी

Why are you Dentists so obsessed about getting being treated equal to Doctors?? why do not you all understand a simple facts…. that Dentists are Dentists …..not to be called as Doctor….Aayush people are supposed to be called as Vaidhya ……ye itne Morche kyu chalate hain aaplog…ki aaplog ko bhi Doctors ke barabar saara Respect aur Adhikar mile ??? Pls answer.😑

बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा )के कुछ डॉक्टरों द्वारा की गई तीसरी टिप्पणी जिसमें कुछ डॉक्टरों द्वारा उन्हें सही ठहराया जा रहा है

दांत और आयुष चिकित्सकों पर टिप्पणी, जिसका समर्थन भासा के कुछ डॉक्टरों द्वारा किया जा रहा है

Please filter our all the Dentist and Aayush people form Doctors group…. they aren’t even Doctors….and they call themselves Doctors.

नियमानुसार पीएचडी या अन्य डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त व्यक्ति ही अपने नाम के आगे डॉक्टर लिख सकते हैं

जबकि विभिन्न चिकित्सक पद्धतियों में बैचलर डिग्री धारक अपने नाम के आगे डॉक्टर शब्द का प्रयोग करते हैं ।

यह एक तार्किक विषय है विद्वानों के अनुसार डॉक्टर एक अकादमिक उपाधि है जो सामान्य लैटिन शब्द से उत्पन्न हुई है। इस शब्द की शुरुआत तेरहवीं शताब्दी से यूरोप में हुई है।

यूरोपीय विश्वविद्यालय में स्थापित होने के बाद यह शब्द दुनिया भर में फैला। डॉक्टर शब्द का उपयोग उस व्यक्ति के पदनाम के रूप में किया जाता है जिसने डॉक्टर आमतौर पर पीएचडी / डीफिल की डिग्री प्राप्त की हो।

आज दुनिया के कई हिस्सों में इसका उपयोग चिकित्सा और चिकित्सकों द्वारा भी किया जाता है भले ही उनके पास डॉक्टरेट अस्तर की डिग्री हो।

यह एक काफी विवादास्पद मुद्दा रहा है। इस पर कई तर्क और वितर्क अपने-अपने ढंग से प्रस्तुत किए गए हैं। अंततः मानवीय दृष्टिकोण के आधार पर अगर हम आयुष चिकित्सक, दंत चिकित्सक, अन्य डिग्री धारक डॉक्टरों की बात करें तो यह सारे मानव जाति की सेवा के लिए कार्य कर रहे हैं ।जिनका उद्देश्य केबल मानव जाति को हर बीमारियों से बचाना है और उन्हें जीवन दान देते हुए सुरक्षित रखना है।

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