पटना: बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे आंदोलन पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन में वास्तविक छात्र शामिल नहीं हैं, बल्कि राजनीतिक दलों के स्थानीय नेता छात्रों के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर गाली-गलौज और जुआ-सट्टा रोकने के लिए प्रस्तावित कानून का समर्थन किया। वहीं, सरकारी स्कूलों को भगवा रंग से रंगे जाने के विवाद पर भी विपक्ष के आरोपों को खारिज किया।
नीट आंदोलन पर क्या बोले मंत्री श्रवण कुमार?
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जो छात्र पढ़ाई-लिखाई में लगे हैं, वे आंदोलन का हिस्सा नहीं बन रहे हैं। उनके अनुसार, नीट पेपर लीक के मुद्दे पर राजनीतिक दल छात्रों के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
सोशल मीडिया पर सख्त कानून का किया समर्थन
सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा, गाली-गलौज और आपत्तिजनक सामग्री को लेकर प्रस्तावित कानून पर मंत्री ने कहा कि किसी को अपमानित करने की अनुमति न संविधान देता है और न ही समाज। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ऐसे मामलों में कानून ला रही है तो इसका स्वागत होना चाहिए। साथ ही जुआ और सट्टेबाजी पर सख्त कानून बनाने की पहल को भी जनहित में बताया।
स्कूलों के भगवा रंग विवाद पर विपक्ष को दिया जवाब
सरकारी स्कूलों को भगवा रंग से रंगे जाने पर उठे सवालों के जवाब में श्रवण कुमार ने कहा कि किसी रंग से एतराज नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार में न पहले भगवाकरण हुआ है और न अब हो रहा है। उनके अनुसार, विपक्ष केवल राजनीतिक कारणों से इस मुद्दे को उठा रहा है।
जांच पूरी होने के बाद होगी कार्रवाई
मंत्री ने दोहराया कि नीट पेपर लीक मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से चल रही है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना है।
पटना से अमित कुमार की रिपोर्ट









