हिनू रास्ता विवाद : झारखंड हाईकोर्ट ने कहा, ऐसा लगता है पुलिस की प्रतिवादी के साथ मिलीभगत, निरीक्षण के लिए प्लीडर कमिश्नर नियुक्त

रांची एसएसपी को सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्था करने का निर्देश

रांची : रांची के हिनू इलाके की रहने वाली गीता देवी के द्वारा घर का रास्ता दिए जाने के लिए दाखिल किए गए क्रिमिनल रिट पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि इस मामले के प्रतिवादी अजय कच्छप जो की लैंड ब्रोकर हैं, उनके साथ पुलिस की मिलीभगत है। प्रार्थी के अधिवक्ता शशांक शेखर के मुताबिक सुनवाई के दौरान अदालत ने रास्ता का भौतिक निरीक्षण करने के लिए दो प्लीडर कमिश्नर नियुक्त किया हैं।

हाईकोर्ट ने इस मामले के एक प्रतिवादी को हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के कार्यालय में 5000 रुपए जमा करने का निर्देश दिया है। उक्त राशि का भुगतान प्लीडर कमिश्नरों को किया जाएगा। इसके साथ ही अदालत ने रांची एसएसपी और रांची नगर निगम के अधिकारियों को विवादित जगह का निरीक्षण करने के दौरान सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्था करने का निर्देश भी दिया है।

रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत  करने का निर्देश 

अदालत ने प्लीडर कमिश्नर को यह निर्देश दिया है कि स्थल निरीक्षण के बाद वो पूरी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट के समक्ष 25 फरवरी से पहले प्रस्तुत करें। कोर्ट ने रांची नगर निगम को भी इस मामले में पार्टी बनाया है। हटिया डीएसपी द्वारा एफिडेविट दायर किया गया है। जिसमें यह कहा गया है कि उक्त भूमि पर कोई रास्ता नहीं है और यह सरना समिति की ज़मीन है। अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 फरवरी की तारीख मुकर्रर की है। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजय कुमार द्वेदी की कोर्ट में हुई।

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