अफगानिस्तान में लड़कियों की शिक्षा को ले संयुक्त राष्ट्र का बयान, शिक्षा के अधिकार का सम्मान हो

बता दें कि अफगानिस्तान की सत्ता पर पिछले वर्ष तालिबान का वर्चस्व स्थापित होने के छह महीने बीत जाने के बाद भी, लड़कियों की माध्यमिक स्कूलों में अभी वापसी नहीं हो पाई है.

संयुक्त राष्ट्र ने अफगानिस्तान में लड़कियों की शिक्षा को ले चिंता व्यक्त की है. बता दें कि अफगानिस्तान की सत्ता पर पिछले वर्ष तालिबान का वर्चस्व स्थापित होने के छह महीने बीत जाने के बाद भी, लड़कियों की माध्यमिक स्कूलों में अभी वापसी नहीं हो पाई है.
देश भर में लड़कियों के लिये हाई स्कूल खोले जाने की तैयारी थी, मगर 23 मार्च को तालिबान प्रशासन द्वारा इस निर्णय को पलट दिया गया और पाबन्दी बढ़ा दी गई.

अफ़ग़ानिस्तान के लिये यूएन महासचिव की विशेष प्रतिनिधि डेबराह लियोन्स ने 25 मार्च को सुरक्षा परिषद में सदस्य देशों को लड़कियों समेत हर अफ़ग़ान नागरिक के लिये शिक्षा के अधिकार और वहाँ मौजूदा हालात से अवगत कराया था.
सुरक्षा परिषद ने लड़कियों व महिलाओं सहित, सभी अफ़ग़ान नागरिकों के लिये शिक्षा के अधिकार को पुष्ट किया है.

गौरतलब है कि इससे पहले, मानवाधिकार मामलों के लिये यूएन उच्चायुक्त ने 23 मार्च को जारी अपने वक्तव्य में अफ़ग़ानिस्तान में हाई स्कूल की छात्राओं की स्कूल वापसी के मुद्दे पर तालेबान द्वारा लिये गए यू-टर्न पर गहरी हताशा व निराशा व्यक्त की थी. उन्होंने आगाह किया था कि हाई स्कूल में पढ़ाई करने वाली लड़कियों के लिये, स्कूल फिर से खोले जाने के वादों को पूरा करने में विफल रहने से, अफ़ग़ानिस्तान को बहुत नुक़सान होगा.

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