राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे जदयू में शामिल

जेडीयू के प्रदेश कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे अजित सिंह दल में शामिल हो गए।

जेडीयू के प्रदेश कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे अजित सिंह दल में शामिल हो गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया। इस मौके पर जेडीयू के कई अन्य नेता मौजूद रहे। जेडीयू में शामिल होने के बाद जगदानंद सिंह ने बेटे ने राजद पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजद में पैसे पर टिकट बिकता है। राजद अध्यक्ष ने बेटे ने तेजस्वी पर हमला बोलते हुए कहा कि राजद आज समर्पित कार्यकर्ताओं का कब्रगाह बन गया है। यहां समर्पित कार्यकर्ताओं का कोई सम्मान नहीं होता है। अजित सिंह ने कहा कि राजद में समर्पित कार्यकर्ता और नेता को जलील किया जाता है। चुनाव से पहले पैसे पर टिकट की खरीद बिक्री होती है। इस दौरान उन्होंने राजद पर जगदानंद सिंह और राजद के दिवंगत नेता रघुवंश प्रसाद सिंह की उपेक्षा का भी आरोप लगाया।

ललन सिंह ने जगदानंद को किया आमंत्रित

इस दौरान अजित सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ भी की है। उन्होंने कहा कि देशभर में सबसे बेहतरीन मॉडल समाजवाद का है। इसका सबसे सफल उपयोग बिहार में नीतीश कुमार ने किया है। उन्होंने कहा कि जदयू ही सभी जाति और धर्मों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है। वहीं जगदानंद सिंह के बेटे को दल में शामिल कराने के बाद ललन सिंह ने राजद के प्रदेश अध्यक्ष पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि पता नहीं जगदा बाबू की ऐसी कौन सी मजबूरी है जो जलील होने के बाद भी वहां बने हुए हैं। उन्हें बार-बार जलील किया जाता है फिर भी वे राजद नहीं छोड़ रहे। ललन सिंह ने कहा कि हम चाहेंगे कि बेटा से सीख लें और आने वाले समय में वे भी निर्णय लें।

रघुवंश बाबू के बेटे ने भी राजद पर किया था प्रहार

बता दें, जेडीयू नेतृत्व ने 8 अक्टूवर 2020 को आरजेडी के दिवंगत नेता रघुवंश बाबू के बेटे को दल में शामिल कराया था। प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण की मौजूदगी में सत्य प्रकाश को पार्टी की सदस्यता ग्रहण करवाई गई थी. सदस्यता ग्रहण के बाद सत्य प्रकाश ने आरजेडी पर जमकर निशाना साधा था. तब उन्होंने कहा था कि मेरी पारिवारिक पृष्ठभूमि राजनीति की रही है, लेकिन एक परिवार से एक ही व्यक्ति राजनीति में होना चाहिए यही समाजवाद है. पिताजी श्रद्धेय कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों को मानते थे. पिताजी ने मरते समय जो पत्र लिखा, उसमें उन्होंने इशारा किया कि मैं राजनीति में आऊं. सत्य प्रकाश ने कहा कि मेरी कोशिश रहेगी कि उनके जो बचे हुए कार्य हैं, वो मैं जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल होकर अपने तन-मन-धन से पूर्ण करूंगा.उन्होंने कहा था कि राजद और लालू यादव के परिवार के लोगों ने उनकी बातों को नहीं सुना, इससे उनको पीड़ा हुई, जिसके कारण उन्होंने अस्पताल से ही इस्तीफा दिया क्योंकि पार्टी के सिद्धांतों को दांव पर लगा कर टिकट की खरीद हो रही और अपराधियों को जगह दी जा रही थी।

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