अफगानिस्तान में तालिबान के वर्चस्व स्थापित होने के छह महीने बाद भी लड़कियों की माध्यमिक स्कूलों में नहीं हुई वापसी, यूएन ने जताई निराशा

अफगानिस्तान में तालिबान को शासन करते करीब छ: महीने का वक्त बीत चुका है. लेकिन अभी तक लड़कियों की माध्यमिक स्कूलों में वापसी नहीं हो पाई है.

अफगानिस्तान में तालिबान को शासन करते करीब छ: महीने का वक्त बीत चुका है. लेकिन अभी तक लड़कियों की माध्यमिक स्कूलों में वापसी नहीं हो पाई है. इसे लेकर संयुक्त राष्ट्र ने गहरी निराशा जताई है.
यूएन उच्चायुक्त ने अपने वक्तव्य में कहा कि छठी से ऊपर की कक्षाओं में पढ़ाई करने वाली लड़कियों के लिये, स्कूल फिर से खोले जाने के वादों को पूरा करने में विफल रहने से, अफ़ग़ानिस्तान को बहुत नुक़सान होगा. मिशेल बाशेलेट ने ध्यान दिलाया कि लड़कियों की शिक्षा के लिये बार-बार संकल्प व्यक्त किये गए थे, और दो सप्ताह पहले उनकी काबुल यात्रा के दौरान भी ऐसा कहा गया था.

तालिबान ने बढ़ा दी पाबंदी-
बताया गया है कि देश भर में लड़कियों के लिये हाई स्कूल खोले जाने की तैयारी थी, मगर बुधवार सुबह तालेबान प्रशासन द्वारा इस निर्णय को पलट दिया गया और पाबन्दी बढ़ा दी गई. लड़कियों द्वारा स्कूल में पहनी जाने वाली पोशाक पर अभी आदेश की प्रतीक्षा है. “शिक्षा को नकारा जाना, महिलाओं व लड़कियों के मानवाधिकारों का हनन करता है. समान शिक्षा हासिल करने के उनके अधिकार से इतर, यह उनके अधिक हिंसा, निर्धनता और शोषण का शिकार बनने का जोखिम बढ़ाता है.”

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