बीते कुछ सालों में बाल विवाह के मामले में हुई वृद्धि: राज्यसभा में केंद्र सरकार

महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने राज्यसभा में बताया है कि साल 2016 से 2020 के बीच बाल विवाह के मामले में वृद्धि दर्ज की गई है

महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने राज्यसभा में बताया है कि साल 2016 से 2020 के बीच बाल विवाह के मामले में वृद्धि दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2016, 2017, 2018, 2019 और 2020 के दौरान बाल विवाह के पंजीकृत मामलों की संख्या क्रमश: 326, 395, 501, 523 और 785 थी.

स्मृति ईरानी ने कहा कि देश में बाल विवाह के चलन में होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. उन्होंने इस क्रम में प्रचलित सामाजिक रीति-रिवाज, परंपरा, गरीबी, समाज में महिलाओं का निम्न स्तर और जागरुकता का अभाव जैसे कारण गिनाए. बाल विवाह निषेध कानून, 2006 लागू किया है. इसके अलावा केंद्र सरकार इस प्रथा के बुरे प्रभावों को उजागर करने के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान, मीडिया अभियान और संपर्क (आउटरीच) कार्यक्रमों का आयोजन करती रहती है.
उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना चला रहा है जिसमें लैंगिक समानता और बाल विवाह के हानिकारक प्रभावों से संबंधित मामलों पर महिलाओं के जागरूकता पैदा करने पर जोर दिया जा रहा है.

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