मासूम हुई मानव तस्करी की शिकार: राजस्थान में बच्ची को अधेड़ के हाथों बेचा, तीन दिन तक दुष्कर्म

झारखंड : आनंदपुर थाना, भालूडूंगरी आजीविका महिला ग्राम संगठन की दबाव के कारण मानव तस्करी (Human Trafficking) की शिकार हुई 12 साल की नाबालिग लड़की को महिला दलाल रंजीता महतो को वापस लाना पड़ा।  जानकारी के अनुसार, 17 जुलाई को बच्ची को गांव की (महिला दलाल) रंजीता महतो ने अच्छे घर में शादी का झांसा देकर उसे मनोहरपुर से ट्रेन के माध्यम से उसे राजस्थान ले जाया गया। इसके बाद दलाल ने उसे राजस्थान के किसी गांव के अधेड़ व्यक्ति(55) के यहां पैसों का लालच में बेच दिया। मानव तस्करी की खबर गांव में कुछ दिनों के बाद आग की तरह फैल गई.

बच्ची ने बताया कि (महिला दलाल) रंजीता महतो मुझे ट्रेन से राजस्थान ले गई, ट्रेन में मेरे अलावे और छह लड़के भी थे। वहां पहुंचने के बाद किसी गांव में मुझे एक वृद्ध व्यक्ति( बूढ़ा) के यहां बेच दिया गया। तीन दिनों तक बूढ़े ने मेरे साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध भी बनाया। जब मैं मना करती तो, कहता कि तुम्हें हमने खरीदा है, तीन दिन के बाद मुझे यह कहकर छोड़ दिया गया कि, हमको पैसा मिल गया है, तुम वापस जा सकती हो।

आनंदपुर थाना अंतर्गत सरगीडीह स्कूल परिसर में मानव तस्करी (Human Trafficking) हुए एक मामले को लेकर भालूडूंगरी आजीविका महिला ग्राम संगठन की महिलाओं समेत ग्रामीणों द्वारा मरियम डंहगा के अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें गांव की महिला दलाल रंजीता महतो द्वारा एक नाबालिग लड़की को राजस्थान के किसी गांव के एक वृद्ध के हाथों बेचने जैसा गंभीर मामला उजागर हुआ। किशोरी के 2 अगस्त को लौटने पर उसकी सुरक्षा को लेकर चाईबासा के चाइल्ड लाइन होम में भेजने की तैयारी पर विशेष विचार विमर्श किया गया। हालांकि किशोरी के वापस आने से पूर्व संगठन की महिलाओं ने इससे पहले दो मर्तबा बैठक भी की। काफी ड्रामा के बाद ही बच्ची परिजनों के पास लौटी है। मौके पर सरिता देवी, अंजना महतो, मनोरमा आमत, नंदी देवी, तारा तोपनो, सुषमा मिंज, राहिल भुईया, पूजा नायक, पिंकी गोप, अमित गुड़िया आदि थीं।

 

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