रेप कि आरोपी DSP कमलाकांत के नहीं हो सकी गिरफ्तारी तो कोर्ट ने इश्तेहार चस्पा करने की दी मंजूरी

दलित नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने निलंबित DSP कमलाकांत प्रसाद

बिहार: DSP कमलाकांत प्रसाद (DSP Kamlakant) के खिलाफ बीती 8 जुलाई को इसी कोर्ट से वारंट जारी किया गया था। सीआईडी अब तक उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई है। सीआईडी के अधिकारियों ने पोक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश आशुतोष कुमार उपाध्याय की अदालत में इश्तेहार जारी करने की अर्जी दी थी। पोक्सो के विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार ने बताया कि इस मामले में अभियोजन की ओर से जवाब भी दाखिल किया गया व बहस भी पूरी की गई। सुनवाई के बाद अदालत ने इश्तेहार जारी करने का आदेश दे दिया।

निलंबित डीएसपी (DSP Kamlakant) के विरुद्ध 2017 में इमामगंज थाना क्षेत्र की नाबालिग लड़की ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है। इस मामले में वह मुख्य आरोपी हैं। इनके खिलाफ इसी वर्ष बीती 27 मई को जिले के महिला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले को लेकर गया के महिला थाना में कांड संख्या 18/2021 दर्ज किया गया था, जिसमें धारा 376/376a और पॉक्सो एक्ट के तहत अनुसूचित जाति जनजाति निवारण अधिनियम के तहत कांड दर्ज करते हुए आरोपी बनाया गया था. कमलाकांत प्रसाद पर आरोप है कि पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय गया के पद पर पदस्थापन के दौरान गया स्थित अपने सरकारी आवास में उन्होंने नाबालिग के साथ रेप की घटना को अंजाम दिया था.  नाबालिग के साथ रेप कांड कि आरोपी सीनियर DSP कमलाकांत प्रसाद को बिहार सरकार के गृह विभाग ने निलंबित कर दिया है.

आरोपी कमलाकांत (DSP Kamlakant)  की पत्नी ही पीड़िता के साथ खड़ी हैं। उसे न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहीं है। पीड़िता का आरोप है कि डीएसपी (DSP Kamlakant)  ने भरोसे में लेकर अपने सरकारी क्वार्टर गया में बुलाया और अपनी मां की सेवा करने के लिए पटना ले आया। इस दौरान गया सरकारी क्वार्टर से लेकर पटना तक लंबे समय तक डीएसपी ने गलत काम किए। हालांकि उस समय भी पीड़िता के पक्ष में डीएसपी की पत्नी और पीड़िता ने आवाज उठाई थी। लेकिन, डीएसपी ने अपने पद और रसूख की बदौलत मामले को हर बार रफा-दफा करने की कोशिश की। साथ ही मामले को दबा दिया।

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