थर्ड वेव की आशंका के बीच बिहार में पंचायत चुनाव? साफ नजर आ रहा बड़ा खतरा

पटना. बिहार पंचायत चुनाव (Bihar Panchayat Elections) में प्रत्याशियों के साथ एक ही प्रस्तावक नामांकन के समय मान्य होंगे. राज्य निर्वाचन आयोग ने नामांकन को लेकर जारी निर्देश के तहत कोरोना से बचाव को लेकर सभी प्रकार के एहतियात बरतने पर जोर दिया है. आयोग के अनुसार, प्रत्याशी एवं उनके प्रस्तावक के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही आयोग ने नामांकन के लिए जाने वाले प्रत्याशी के लिए एक ही वाहन के इस्तेमाल की अनुमति प्रदान की है. एक से अधिक वाहन के साथ जाने की अनुमति नहीं होगी. यानी आयोग यह दावा कर रहा है कि कोरोना गाइडलाइन (Corona Guideline) को फॉलो करते हुए पंचायत चुनाव करवाए जा सकते हैं. अब सवाल यह है कि जब कांवड़ यात्रा बंद, मंदिर बंद, मस्जिद बंद, देश-विदेश के विशेषज्ञ कह रहे संभलो भाई क्योंकि तीसरी लहर की आमद हो चुकी है तो चुनाव आयोग पंचायत चुनाव कराने पर क्यों आमादा है?

दरअसल, यूपी पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav) के बाद मौत का तांडव जिस किसी ने भी देखा है वह तो यही कह रहा है कि चुनाव फिलहाल टाल दिए जाएं. इसके पीछे तर्क देने वालों की दलीलों में दम भी नजर आ रहा है. इसे आसान तरीके से यूं समझें कि गत 4 अप्रैल तक उत्तर प्रदेश में 6 लाख 30 हजार लोग संक्रमित हो चुके थे. यानी पिछले साल 30 जनवरी से लेकर इस साल 4 अप्रैल तक प्रदेश में इतने मरीज मिले थे, लेकिन इसके बाद जब पंचायती चुनाव को लेकर प्रचार-प्रसार शुरू हुआ तो संक्रमितों का आंकड़ा केवल एक महीने के अंदर बढ़कर 14 लाख पहुंच गया.

60% बढ़ गए मौत के आंकड़े
इसके साथ ही पंचायत चुनाव के दौरान कोरोना संक्रमण के कारण मौत के मामलों में भी जबरदस्त वृद्धि हुई. 5 अप्रैल से 5 मई तक के सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो इस दौरान सरकारी आंकड़ों में कुल 5,257 लोगों ने जान गंवाई. इससे पहले 4 अप्रैल तक 8,894 मौतें हुईं थीं. इस तरह से पंचायत चुनाव के दौरान मौत के मामलों में 59.10% की बढ़ोरती हुई.

2000 से अधिक शिक्षकों की मौत
उत्तर प्रदेश में 15 अप्रैल से 5 मई तक चले पंचायत चुनावों में ड्यूटी करने वाले 2,000 से ज्यादा शिक्षकों और कर्मचारियों की मौत हो गई. उत्तर प्रदेश कर्मचारी संघ संयुक्त परिषद ने दावा किया है कि इन चुनावों में ड्यूटी करने गए 2,000 से ज्यादा लोगों की संक्रमण के चलते मौत हो गई. यही नहीं यूपी के ADG लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार के अनुसार इसी अवधि में 137 पुलिसकर्मियों की भी मौत हो गई थी. इसके अलावा 4,117 पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव भी पाए गए थे.

बिहार में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज
इन भयावह खबरों के बीच असल खबर तो यही है कि बिहार सरकार या निर्वाचन आयोग ने यूपी चुनाव से कोई सबक नहीं लिया है. पंचायत चुनाव के लिए सभी जिलों में EVM पहुंचा दिए गए हैं.  EVM को रखने के बाद फर्स्ट लेबल जांच होगी. बता दें कि पंचायत चुनाव में 2 लाख 9 हजार EVM का इस्तेमाल होगा. बिहार में पहली बार हो EVM से पंचायत चुनाव हो रहा है.

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