लोकसभा में ओबीसी आरक्षण बिल पास हो गया, अब राज्यसभा के पाले में गेंद

राज्यसभा में ओबीसी आरक्षण सूची बनाने का अधिकार राज्यों को मिलेगा

यह राज्यों को OBC लिस्ट बनाने का अधिकार देता है। इसके अलावा निचले सदन (Lok Sabha) में विपक्ष के हंगामे के बीच तीन और बिल पास हुए। लिमिटेड लाइबिलिटी पाटर्नरशिप बिल, 2021; डिपोजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (अमेंडमेंट) बिल, 2021 और कॉन्स्टिट्यूशन (शेड्यूल्ड ट्राइब्स) ऑर्डर (अमेंडमेंट) बिल, 2021 पारित हुए हैं।

इस दौरान मोदी सरकार अहम बिल पास करवाने की कोशिश कर रही है और इनमें सबसे ऊपर ओबीसी आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक है। केंद्र सरकार इस विधेयक को सोमवार को लोकसभा (Lok Sabha) में पेश करेगी और अब विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी ऐलान किया है कि वह इस बिल के समर्थन में है। अगर बिल पास हो जाता है तो एक बार फिर से राज्यों को ओबीसी सूची में किसी जाति को अधिसूचित करने का अधिकार मिल जाएगा।

संसद में संविधान के अनुच्छेद 342-ए और 366(26) सी के संशोधन पर अगर मुहर लग जाती है तो इसके बाद राज्यों के पास ओबीसी सूची में अपनी मर्जी से जातियों को अधिसूचित करने का अधिकार होगा।

संशोधन विधेयक पास होने से क्या होगा असर?

महाराष्ट्र में मराठा समुदाय, हरियाणा में जाट समुदाय, गुजरात में पटेल समुदाय और कर्नाटक में लिंगायत समुदाय को ओबीसी वर्ग में शामिल होने का मौका मिल सकता है। लंबे समय से ये जातियां आरक्षण की मांग कर रही हैं। इनमें से मराठा समुदाय को महाराष्ट्र देवेंद्र फडणवीस सरकार ने आरक्षण दिया भी था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 5 मई को दिए फैसले में इसे खारिज कर दिया था।

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