सरहुल पर्व : आदिवासी हॉस्टल पहुंच सीएम ने की पूजा पाठ, संथाली में दी शुभकामनाएं

अपनी परंपरा को आगे बढ़ाने में सुखद अनुभूति होती है : हेमंत सोरेन

रांची : झारखंड में सरहुल पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। सरहुल को लेकर सोमवार सुबह से ही झारखंड की राजधानी रांची में चहल पहल तेज है। विभिन्न आदिवासी संगठनों की ओर से सरहुल शोभायात्रा हातमा स्थित केंद्रीय सरना स्थल (सरहुल शोभायात्रा का उद्गम स्थल) से निकाली जाएगी। शोभायात्रा मोरहाबादी के सरहुल चौक से डीसी आवास से रेडियम रोड, कचहरी रोड, महात्मा गांधी रोड (मेन रोड) होते हुए सीरमटोली सरना स्थल तक जाएगी। इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आदिवासी हॉस्टल पहुंचे और वहां सरहुल की पूजा की। इसके बाद सीएम हेमंत सोरेन सीरमटोली स्थित आयोजन स्थल पर पहुंचे। वहां पहुंकर मुख्यमंत्री ने पारंपरिक रीति-रिवाज से सरहुल पूजा की। इससे पहले मुख्यमंत्री और राज्यपाल रमेश बैस ने राज्यवासियों को प्रकृति पर्व सरहुल की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यवासियों को “जोहार” कहकर शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने संथाली भाषा में अपने संदेश में लिखा है साबिन को “सगुन सरहुल परोब” रेय: जोहार। मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीटर हैंडल से सरहुल पर्व की शुभकामना पर आधारित एक तस्वीर भी साझा की है।

आदिवासी हॉस्टल्स में बढ़ाई जा रही सुविधाएं : सीएम

इस दौरान मुख्यमंत्री के दोनों बेटे भी उनके साथ मौजूद थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आदिवासी परंपरागत संस्कृति के ढोल बजाकर सभी को शुभकामना दी हैं। आदिवासी हॉस्टल में मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जहां भी हैं, वहां सभी के साथ मिलकर अपनी परंपरा और संस्कृति को आगे बढ़ाते हैं। आदिवासी हमेशा से द्वेष और घृणा से कोसों दूर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी लोग अपनी परंपरा और संस्कृति को बचाने के लिए एकजुट होते रहते हैं। हमें भी आदिकाल से चली आ रही परंपरा को अक्षुण्ण रखने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कल्याण विभाग द्वारा संचालित हॉस्टल्स का जीर्णोद्धार कर हॉस्टल की सभी खामियों को दूर किया जा रहा है। अब बालक-बालिका छात्रावास (हॉस्टल) में रसोईया और चौकीदार की व्यवस्था होगी. यहां रहने वाले स्टूडेंट्स को भोजन भी सरकार उपलब्ध कराएगी। हॉस्टल को नया स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार ने आदिवासी बच्चियों के लिए हॉस्टल बनाने का निर्णय लिया गया है, ताकि उन्हें शहर आकर पढ़ाई करने में असुविधा ना हो।

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