हाईकोर्ट में विधायक बंधु तिर्की ने जमानत के लिए दायर की याचिका

28 मार्च को सीबीआई की विशेष अदालत ने बंधू तिर्की को आय से अधिक संपत्ति मामले में तीन साल की सजा सुनाई है

रांची : विधायक बंधु तिर्की आय से अधिक संपत्ति मामले में जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने सीबीआई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में क्रिमिनल अपील दाखिल की है। जिसमे कहा गया है कि सीबीआई ने मामले में आरोप साबित नहीं किया है। ऐसे मे तिर्की को मामले में राहत मिलनी चाहिए। कोर्ट से सीबीआई के फैसले को रद्द करने की मांग की गई है। बताते चलें कि 28 मार्च को सीबीआई की विशेष अदालत ने बंधू तिर्की को आय से अधिक संपत्ति मामले में तीन साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही जुर्माना भी लगाया है। तिर्की पर 2005 से 2009 तक आय से अधिक लगभग साढ़े छह लाख रुपए अर्जित करने का आरोप है। यह जानकारी बंधु तिर्की के अधिवक्ता ने दी है। बता दें कि आय से अधिक संपत्ति मामले में 28 मार्च को बंधु तिर्की को सीबीआई कोर्ट ने दोषी करार देते हुए 3 साल की सजा और 3 लाख का जुर्माना लगाया है। विधायक बंधु तिर्की को Prevention of corruption act की धारा 13(2)13(1) 13 (3) के तहत दोषी क़रार दिया गया है। यह मामला वर्ष 2010 में दर्ज किया गया था। इस केस का नंबर आरसी 5(A) 2010 है। सीबीआई के मुताबिक बंधु तिर्की ने अपने विधायक और मंत्री रहने के दौरान वर्ष 2005 से लेकर वर्ष 2009 के बीच 6 लाख 28 हज़ार 698 रुपए की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है।

बंधु तिर्की की विधायकी खतरे में पड़ गई है

झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर 4 अगस्त 2010 को सीबीआई ने विजिलेंस केस नंबर 09/09 की जांच को टेकओवर करते हुए 11 अगस्त 2010 को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की थी। जांच के बाद 21 मार्च 2013 को सीबीआई ने बंधु तिर्की की आय, संपत्ति और व्यय का विवरण देते हुए क्लोजर रिपोर्ट न्यायालय में जमा की थी। सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर संज्ञान के बाद 16 जनवरी 2019 को आरोप गठित हुआ था। इस केस में बंधु तिर्की को सीबीआई ने गिरफ़्तार किया था, जिसके बाद उन्हें कई महीने तक जेल की सलाख़ों के पीछे रहना पड़ा था। इस फैसले के बाद बंधु तिर्की की विधायकी खतरे में पड़ गई है।

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