झारखंड की 10,388 पोषण सखियों की सेवा समाप्त

तीन हजार रुपए मिलता था मानदेय

रांची : केंद्र प्रायोजित समेकित बाल विकास योजना के तहत बहाल 10,388 पोषण सखियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। पोषण सखियों को राज्य में कुपोषण से निपटने के लिए लगाया या था। राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक अप्रैल 2022 की तिथि से इनकी सेवा समाप्त किए जाने के संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इन्हें 31 मार्च 2022 तक के लिए बकाया मानदेय का भुगतान किया जाएगा। केंद्र के निर्देश पर वर्ष 2015 में राज्य के छह जिले धनबाद, गिरिडीह, दुमका, गोड्डा, कोडरमा और चतरा में अतिरिक्त आंगनबाड़ी सेविका सह पोषण परामर्शी के रूप में इन पोषण सखियों की नियुक्ति हुई थी। इन्हें प्रतिमाह तीन हजार रुपए मानदेय दिए जा रहे थे। केंद्र ने वर्ष 2017 से इस मद में मानदेय की राशि देनी बंद कर दी है। राज्य सरकार ने इसकी समीक्षा के बाद इन पोषण सखियों की सेवा समाप्त करने तथा बकाया मानदेय का भुगतान आइसीडीएस के दूसरे मदों के राज्यांश से करने का निर्णय लिया है।

पोषण सखियां बकाया मानदेय भुगतान, मानदेय की राशि बढ़ाने तथा स्थायीकरण की मांग को लेकर विधानसभा के पूरे बजट सत्र के दौरान आंदोलनरत रही हैं। पोषण सखियों के बकाया मानदेय का मामला विधानसभा में भी उठा था। विभागीय मंत्री जोबा मांझी ने इनके बकाया भुगतान का आश्वासन देते हुए यह भी स्वीकार किया था कि पोषण सखियों की आवश्यकता न केवल इन छह जिलों, बल्कि अन्य सभी जिलों में भी है।

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