हाजीपुर में चित्रगुप्त मंदिर कमिटी ने मनाया लाल बहादुर शास्त्री व महात्मा गांधी का जयंती

चित्रगुप्त मंदिर कमिटी एवं अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के तत्वाधान में चित्रांश सामुदायिक भवन पुल घाट हाजीपुर में देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 117 वा जयंती एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती धूमधाम से समारोह कर कर मनाई गई।

चित्रगुप्त मंदिर कमिटी एवं अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के तत्वाधान में चित्रांश सामुदायिक भवन पुल घाट हाजीपुर में देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 117 वा जयंती एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती धूमधाम से समारोह कर कर मनाई गई।जिसकी जिसकी अध्यक्षता कायस्थ महासभा के जिला अध्यक्ष रविंद्र कुमार रतन एवं संचालन मंदिर कमेटी के अध्यक्ष डॉ रंजन ने किया। समारोह में कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री युवा संवाद रंजीत श्रीवास्तव , विजय लाला पूर्व उपसभापति मंदिर कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुन्नू प्रसाद श्रीवास्तव जिला महासचिव पंकज कुमार श्रीवास्तव मंदिर कमेटी के सचिव प्रतीक यशस्वी जदयू के प्रदेश नेत्री नीतू श्रीवास्तव ,विजय श्रीवास्तव, मंदिर कमिटी के मीडिया प्रभारी हर्ष राज , युवा संभाग के आकाश कुमार अधिवक्ता एवं आईटीसीसी के डायरेक्टर ज्ञान प्रकाश वर्मा, सौरभ कुमार, मुरारी प्रसाद श्रीवास्तव, पूनम श्रीवास्तव इत्यादि ने भी उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके जीवनी पर प्रकाश डाला रंजीत श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जब प्रधानमंत्री बने थे तो उनके पास दो जोड़ा धोती और कुर्ता ही थी उनकी पत्नी जब कहे कि आप फटे हुए धोती पहनकर पर जाइएगा एक जोड़ा कम से कम नया धोती ले लीजिए उन्होंने कहा कि इस देश में बहुत से लोग हैं जिनके तन पर एक वस्त्र भी नहीं हमारे पास तो कम से कम फटा हुआ वस्त्र है बस ऐसे सादगी के प्रतीक थे हमारे जन जन के प्रिय गुदरी के लाल पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी अध्यक्षता करते हुए महासभा के जिला अध्यक्ष रविंद्र कुमार रतन ने अपने संबोधन में कहा कि लाल बहादुर शास्त्री ने साबित कर दिया कि अमीरों के घर में ही राजकुमार नहीं पैदा होते गरीबों की झोपड़ी में भी राजकुमार पैदा लेते हैं गरीब परिवार में जन्म लेकर लाल बहादुर शास्त्री प्रधानमंत्री पद तक गए यह बहुत ही गर्व की बात है और इसी से हुए हिंदुस्तान के सभी युवाओं के हृदय सम्राट कहे जाते हैं, संचालन करते हुए मंदिर कमेटी के अध्यक्ष डॉ रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि वह शादकी के महान प्रतीक थे एक बार किसी रेलवे स्टेशन पर किसी कार्यक्रम में जब वह गए तो मिट्टी का ढेर लगा हुआ था वह स्वयं कुदारी मंगवा करके अपने हाथों से उस ऊंचे मिट्टी के टीला को काटकर रास्ता बना दिए कि लोगों को आने जाने में काफी कठिनाई हो रही थी इसलिए इसको समतल मैंने कर दिया । समारोह में सभी आए हुए अतिथियों ने गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की ।

 

रिपोर्ट- विशेष संवाददाता, हाजीपुर

 

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