बिहार में शराबबंदी कानून ने बर्बाद कर दी पड़िता की जिंदगी

बिहार/ भागलपुर: मात्र 100 ग्राम शराब (Liquor) ने एक हंसता खेलता परिवार के मुखिया को जेल के पीछे पहुंचा दिया. गलती सिर्फ इतनी थी की वह अपनी बिमार पत्नी के लिए दवा के रूप में 100 ग्राम शराब खरिद के घर लाया था.उसकी पत्नी काफी दिनों से बीमार चल रही थी. आसपास के लोगों के कहने पर उसने भागलपुर से जाकर शराब खरिदा था. शराब लेकर वह जब घर पहुंचा ठिक उसके पिछे सरकार के रखवाले बिहार पुलिस के जवान आकर शराब रखने के जूर्म में गिरफ्तार कर लिया.

हद तो तब हो गई जिस समय उसकी गिरिफ्तारी हुई उस समय उसकी पत्नी को काफी बुखार था. पत्नी और अपने छोटे से बच्चों को छोड़ कर आज वह भागलपुर जेल में बंद है.पत्नी द्वारा जमानत के पैसे जेवरात बेचकर किसी तरह दस हजार रूपये पूरा किया. वकिल साहब ने इसके अलावा 1000 रूपये का और अधिक डिमांड किया जमानत के कागजत पर जेल में हस्ताक्षर कराने के लिए. पीड़िता के पास इतने पैसे नहीं थे उसने स्वंय ही भागलपुर जेल में जाना ठिक समक्षा. भागलपुर जेल पहुंचने के बाद पीड़िता से पुलिस वाले ने जेल के अंदर से हस्ताक्षर कराने के लिए 500 रूपये का डिमांड किया पीड़िता के पास पैसे नहीं थे काफी रोने के बाद पुलिस वाले ने उसे काफी देर बैठाया और तब जाकर कहीं कागजात पर हस्ताक्षर करा कर दिया। पीड़िता जब ट्रेन से भागलपुर लौट रही थी तब प्लेटफार्म पर चोरों ने उसका थैला मार लिया. हाय रे किस्मत रेलवे पुलिस द्वारा FIR नही लेने पर वहां के समाजिक संस्था की पहल से रेलवे द्वारा मामला दर्ज किया गया और उसे कार्यवाई का आश्वासन देकर वापस घर भेज दिया.

इस वजह से पुलिस ने पति को किया था गिरफ्तार

दरअसल पीरपैंती थाना क्षेत्र के परशुरामपुर निवासी रंजीत परिहार को सात दिन पहले पुलिस ने शराब (Liquor) के एक मामले में जेल भेज दिया था। रंजीत की पत्नी ललिता देवी पति की रिहाई के लिए अपने जेवरात बेच 10 हज़ार रुपए की व्यवस्था कर भागलपुर आई।

पीड़िता ललिता देवी ने बताया कि उसने नौ महीना पहले एक बच्ची को जन्म दिया था। किसी ने उसके पति को कहा कि 100 ग्राम शराब (Liquor) को दवा की तरह पिलाएगा तो उसकी पत्नी जल्दी स्वस्थ हो जाएगी। इसलिए वह 100 या 200 ग्राम शराब खरीद कर लाया। लेकिन उसके पीछे-पीछे पुलिस भी चली आई और उसे गिरफ्तार कर लिया।
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