भाजपा सांसद ने हेमंत सरकार को घेरा, कहा, सरकार के कामकाज में है पारदर्शिता का अभाव

झारखंड सरकार का बजट 91,277 करोड़ रुपए का, 40 हजार करोड़ तो केंद्र सरकार ही दे रही है

रांची : भाजपा सांसद जयंत सिन्हा ने हेमंत सरकार को घेरते हुए कहा है कि सरकार के कामकाज में पारदर्शिता का अभाव है। सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास, कृषि व मनरेगा में भी राशि व्यय नहीं हो रही है। झारखंड सरकार का बजट 91,277 करोड़ रुपए का है, इसमें 40 हजार करोड़ तो केंद्र सरकार ही दे रही है। पिछले साल के अपेक्षा केंद्र ने अपना योगदान 20 प्रतिशत बढ़ाया है। इसके अलावा डीएमएफटी से भी झारखंड सरकार को सात हजार करोड़ मिले हैं। केंद्र से राशि न मिलने का आरोप पूरी तरह से गलत है। इसके अलावा अगले वित्तीय वर्ष के बजट में केंद्र सरकार ने राज्यों के लिए एक लाख करोड़ का प्रविधान किया है, जिसमें साफ किया गया है कि राज्यों को अगले पचास वर्षों के लिए यह राशि ब्याज मुक्त मिलेगी। वे मंगलवार को भाजपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने केंद्र सरकार से पर्याप्त वित्तीय मदद न मिलने के झारखंड सरकार के आरोप को पूर्व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने सिरे से खारिज किया है। कहा कि झारखंड सरकार के पास पर्याप्त खजाना है, लेकिन वह उसे खर्च नहीं कर पा रही है। आंकड़ों का हवाला देकर झारखंड सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाए। कहा कि भाजपा विधानसभा के बजट सत्र में झारखंड सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन का मामला उठाएगी। हम झारखंड सरकार से यह पूछना चाहते हैं कि जब केंद्र से पर्याप्त राशि मिल रही है तो आप इसका सदुपयोग कैसे कर रहे हैं। मेरा यह सवाल झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव से है। जयंत सिन्हा ने झारखंड सरकार पर कैपिटल एक्सपेंडिचर के मद में राशि खर्च न करने का भी आरोप लगाया। जब सड़क, पुल-पुलिया, अस्पताल में निवेश होता है तो इसका प्रभाव दीर्घकालिक अवधि में दिखता है, लेकिन झारखंड सरकार कैपिटल एक्सपेंडिचर में राशि कम कर रही है। हमारे पड़ोसी राज्य इस मद में बजट का 19-20 प्रतिशत खर्च कर रहे हैं, जबकि झारखंड महज 17 प्रतिशत ही व्यय हो रहा है। झारखंड में यह आंकड़ 18 हजार करोड़ रुपए से कम का है।

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