झारखंड बजट सत्र : आरक्षित कोटे के बैकलॉग रिक्तियों की जानकारी जुटाएगी सरकार, होगी समीक्षा

एसटी-एससी में शामिल करने का फैसला लेने की क्षमता राज्य के पास नहीं : मुख्यमंत्री

रांची : झारखंड विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान सोमवार को मुख्यमंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक बंधु तिर्की ने आरक्षित कोटे के बैकलॉग नियुक्ति का मामला सदन में रखा। इस पर सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि अलग राज्य बनाने के बाद कभी भी अरक्षित कोटे के बैकलॉग पदों को भरने के लिए नीतिगत निर्णय नहीं लिया गया। वर्तमान सरकार राज्य भर के सभी आरक्षित कोटे के बैकलॉग पदों का वर्ष 2022-23 में अध्ययन कराएगी और इसके बाद नियुक्ति का निर्णय लिया जाएगा। रामदयाल मुंडा जनजातीय शोध संस्थान ने कुछ पिछड़ी जातियों को एसटी और एससी में शामिल करने की अनुशंसा की है, लेकिन इस मामले में कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। यह जवाब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदन में दिया। विधायक आनंद ओझा ने सवाल उठाया था कि टीआरआई के अनुशंसा के आलोक में कुछ पिछड़ी जातियों को एसटी-एससी में शामिल करने को लेकर सरकार का क्या विचार है। इसपर सीएम ने कहा कि पिछड़ी जातियों को एसटी-एससी में शामिल करने का सक्षम प्राधिकार केंद्र सरकार है। यह संविधान संशोधन का मामला है। राज्य सरकार इसकी क्षमता नहीं रखता।

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