शराब, गुटका के बाद सिंगल यूज प्लास्टिक नीतीश सरकार में बैन

अन्य प्रतिबंधित सामानों की तरह अगर आप वन टाइम डिस्पोजल ग्लास या थर्मोकोल का प्रयोग करते हैं तो बिहार सरकार के अनुसार जेल और जुर्माना दोनों का प्रावधान किया गया है.

जी हां बैन बैन बैन. आज आधी रात से शराब, गुटखा, 14 चक्का बालू एवं गिट्टी ट्रक के बाद अब बिहार सरकार ने वन टाइम डिस्पोजल एवं थर्मोकोल से बने सामग्री पर प्रतिबंध लगा दी है. बिहार में अन्य प्रतिबंधित सामानों की तरह अगर आप वन टाइम डिस्पोजल ग्लास या थर्मोकोल का प्रयोग करते हैं तो बिहार सरकार के अनुसार जेल और जुर्माना दोनों का प्रावधान किया गया है.
अगर आप गलती से भी भोज भात में इन सामग्रियों का उपयोग करते हैं तो खुशी की जगह, शहनाई की जगह आप को जेल यात्रा भी हो सकती है. तो सावधान रहें बिहार सरकार के नए फरमान के अनुसार पर्यावरण को संतुलित करने के लिए जो नए कानून बिहार सरकार लाई है उसका अनुपालन करें.
आपको बता दें कि राज्य सरकार की ओर से अभी इसका विकल्प तैयार नहीं किया गया है. क्योंकि अभी राज्य में बायो डिग्रेडेबल प्लास्टिक का उत्पादन नहीं हो रहा है. जानकारी के अनुसार इसका उत्पादन मई 2022 से शुरू होने की आशंका है. इसके लिए राज्य के प्लास्टिक उत्पादकों ने बायो डिग्रेडेबल दाना को सीपेट चेन्नई में टेस्टिंग के लिए भेजा है. जिसमें 6 से 7 महीने का समय लगेगा. जिससे लोगों को ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी. बिहार प्लास्टिक इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रेम कुमार कहते हैं कि राज्य के बाहर से आने वाला बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक के लिए लोगों को छह से सात गुना ज्यादा देना पड़ेगा. 25 पैसा के प्लास्टिक बैग के लिए डेढ़ रुपये तक चुकाना पड़ेगा. और साथ ही कहते है सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगने से इस धंधे में लगे उद्यमियों की पूंजी टूट जाएगी और कई उद्यमी कर्ज में फंस जायेंगे.
कैट के बिहार चेयरमैन कमल नोपानी ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर लगने वाले प्रतिबंध की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है. उन्होंने निवेदन किया है कि पूरे देश में 1 जुलाई 2022 से एकल उपयोग वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध लागू किया जा रहा है. राज्य में भी इस प्रतिबंध को देश के साथ ही लागू किया जाए.

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