शिक्षा मंत्री राज्य के सरकारी स्कूलों की दशा में सुधार करें : संजय पोद्दार

राज्य की सभी सरकारी स्कूलों की स्थिति दयनीय है

रांची : भारतीय जनता युवा मोर्चा झारखंड प्रदेश के पूर्व प्रदेश मीडिया प्रभारी संजय पोद्दार ने कहा राज्य के शिक्षा मंत्री को भाषा विवाद से ऊपर उठकर राज्य के सरकारी स्कूलों की दशा में सुधार करने की पहल करनी चाहिए। डोरंडा स्थित सेठ सिताराम स्कूल आज से 50 दशक पूर्व रांची का एक प्रतिष्ठित सरकारी स्कूल में जाना जाता था। पूर्व में वहां रात्रि कॉलेज की पढ़ाई होती थी, उस स्कूल से निकले छात्र देश के कई प्रतिष्ठित संस्था में अपनी सेवा दे चुके हैं। स्कूल पूरे संसाधन से पूर्ण आज खंडर में में तब्दील हो चुका है। पूरे स्कूल परिसर में कचरा डंप किया जा रहा है। बिल्डिंग के अवशेष भरे पड़े मिलेंगे। ना शिक्षा विभाग ध्यान दे रही है और ना स्थानीय स्कूल प्रबंधक। यही नहीं, झारखंड के लगभग सारी सरकारी स्कूलों की यही हालात है। अधिकांश स्कूलों के भवन जर्जर अवस्था में हैं, बल्कि स्वच्छता के साथ दूसरी अन्य सुविधाओं के अभाव हैं। सरकारी स्कूलों में अच्छे शिक्षक नहीं होने के कारण आज प्राइवेट स्कूल फल-फूल रहे हैं और पढ़ाई के नाम पर लूट मचा हुआ है। कोरोना की मार से अभी तक लोग उबर नहीं पाए हैं, ऐसे में निजी स्कूलों की मांग पूरी करना एक बडी समस्या बन गई है। सरकार का प्राइवेट स्कूलों पर नियंत्रण नहीं रह गया है, वही स्कूल की मनमानी लगातार जारी है। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है। अभी अभिभावक के पास निजी स्कूलों के फीस भरने के पैसे नहीं है, वही सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर अच्छा नहीं है। इसमें सरकार को ध्यान देना चाहिए और स्कूल की दशा को सुधारने का प्रयास करना चाहिए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के भविष्य सुरक्षित होंगे, वही निजी स्कूलों की मनमानी पर नकेल कसेगी।

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