बजट सत्र : सदन के बादर भाजपा और आजसू का प्रदर्शन

1932 खतियान आधारित स्थानीय़ नीति लागू करने की मांग

रांची : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन भाजपा के साथ आजसू ने सदन के बाहर प्रदर्शन व नारेबाजी की। आजसू विधायक लंबोदर महतो ने 1932 खतियान आधारित स्थानीय़ नीति लागू करने की मांग की। वहीं भाजपा विधायक स्थानीय नीति को स्पष्ट करने की मांग को लेकर विधानसभा के मुख्य द्वार पर धरना दिया और नारेबाजी की। विधायक ढुल्लू महतो ने कहा कि जब से यह सरकार बनी है स्थानीयता और भाषा के नाम पर जनता को बरगला रही है। इधर, झामुमो विधायक मथुरा महतो और सुदीप्य सोनू ने कहा कि जिस मुद्दे को लेकर भाजपा पिछले दिनो से हंगामा पर रही है उसपर पूर्व की रघुवर सरकार का रुख अलग था। भाजपा और आजसू सिर्फ जनता के बीच अपना-अपना चेहरा बचा रही है। रघुवर दास ने मुख्यमंत्री रहते कहा था कि 27 प्रतिशत ओबीसी को आरक्षण का प्रस्ताव नहीं है। अब किस मुंह से भाजपा यह मांग कर रही है।

सदन में गूंजा स्थानीयता का मुद्दा, विरंची ने कहा, स्थानीयता के सवाल पर पूरे राज्य में लग सकती है आग

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन सदन में स्थानीय़ता का मुद्दा गुंजा। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा विधायकों ने सदन के बाहर स्थानीयता के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन भी किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही वीरंचि नारायण ने कहा कि स्पीकर महोदय राज्य में सबसे बड़ा सवाल स्थानीयता को लेकर है। स्थानीय कौन है के सवाल पर राज्य में आग लग सकता है। ऐसे में राज्य सरकार की चुप्पी ठीक नहीं है। भाजपा की सरकार ने स्थानीयता स्पष्ट की थी। 1985 को कट ऑफ डेट तय किया गया था। मौजूदा सरकार ने उसे रद्दी की टोकरी में डाल दिया है।

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