रूपेश हत्याकांड: बरही जा रहे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश को हजारीबाग प्रशासन ने चरही में रोका

हजारीबाग के बरही में रुपेश पांडे हत्याकांड अब पूरी तरह से राजनीति रंग में रंग गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को चरही में पुलिस प्रशासन ने रोका।

रांची : हजारीबाग के बरही में रुपेश पांडे हत्याकांड अब पूरी तरह से राजनीति रंग में रंग गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को चरही में पुलिस प्रशासन ने रोका। प्रदेश अध्यक्ष रूपेश पांडेय के श्राद्ध कार्यक्रम में श्रद्धांजलि देने जा रहे थे। बुधवार को भाजपा के पूर्व विधायक कपिल मिश्रा को दिल्ली से बरही जाने के क्रम में रांची एयरपोर्ट पर रांची प्रशासन की तरफ से रोक लिया गया था, तो शुक्रवार यानी आज बरही जाने के क्रम में हजारीबाग प्रशासन ने बरही से 23 किमी पहले चरही में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश को रोक लिया। दीपक प्रकाश वहीं सड़क के किनारे कुर्सी लगाकर बैठ गए। भारी मात्रा में वहां पुलिस बल तैनात किया गया। भाजपा की तरफ से कहा गया था कि दीपक प्रकाश बरही में रुपेश पांडे के परिवार वालों से मिलने बरही जा रहे थे। जिला प्रशासन ने उन्हें 15 माइल के पास आगे जाने से रोक दिया है। जिला प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि बरही में धारा 144 लगी हुई है। इसलिए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश वहां नहीं जा सकते। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के घटनास्थल पर जाने से कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। इसलिए उन्हें वहां अभी नहीं जाना चाहिए। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस अपना काम कर रही है। उनके साथ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री बालमुकुंद सहाय, प्रदेश के मंत्री सुबोध सिंह गुड्डू समेत अन्य लोग मौजूद हैं। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष ने झारखंड की सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस सरकार में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। दूसरी तरफ हजारीबाग के विधायक मनीष जयसवाल और भाजपा के नेता मनोज यादव को भी हिरासत में लिया गया है।
मंत्री को अमुनति और मुझे प्रशासन रोक रहा : दीपक प्रकाश
दीपक प्रकाश ने कहा कि एक तरफ सरकार के तीन मंत्रियों को बरही जाने की अनुमति दे दी जाती है, वहीं मुझे बीच रास्ते में ही रोक लिया जाता है। इससे पता चलता है कि सरकार कितनी डरी हुई है। सरकार के इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या कहा जाएगा। मैं रुपेश पांडे को श्रद्धांजलि अर्पित करने जा रहा था। सरकार को लोकतंत्र पर विश्वास नहीं है। सरकार भाजपा से घबरायी और डरी हुई है। कहा मैं मांग करता हूं कि मुझे लिखित दिया जाए कि मुझे क्यों रोका गया है। मैं कोई संप्रदायिक व्यक्तित्व वाला नेता नहीं हूं, तो मुझे फिर क्यों रोका गया। मैं एक जनप्रतिनिधि हूं। मैं एक राष्ट्रीय पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष हूं। ऐसे में क्यों रोका जा रहा है। सरकार की उल्टी गिमती शुरू हो गयी है।

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