पटना हाईकोर्ट ने रेप के नाबालिग आरोपी को किया बरी, पीड़िता के परिजनों को 10 लाख का मुआवजा देने का आदेश

पटना हाईकोर्ट ने चार साल की नाबालिग की रेप व हत्या मामले में नाबालिग आरोपी को बरी कर दिया. साथ ही पीड़िता के माता-पिता को दस लाख रूपये मुआवजे का ऐलान किया.

 

पटना हाईकोर्ट ने चार साल की नाबालिग की रेप व हत्या मामले में नाबालिग आरोपी को बरी कर दिया. साथ ही पीड़िता के माता-पिता को दस लाख रूपये मुआवजे का ऐलान किया. कोर्ट ने सीवान जिला के बिहार विविक सेवा प्राधिकार को तीस दिनों के भीतर मुआवजा राशि का भुगतान करने का आदेश दिया है. साथ ही नाबालिग आरोपी के मृत्युदंड की सजा को निरस्त करते हुए हाईकोर्ट ने कहा है कि देश का कानून नाबालिग को सजा देने की इजाजत नहीं देता. ऐसे में आरोपित को बरी करना न्याय संगत है.

गौरतलब है कि पूरा मामला सन् 2018 में सीवान जिला के बड़हरिया थाना क्षेत्र का है, जहाँ एक चार वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म तथा बाद में उसकी हत्या किये जाने की प्राथमिक दर्ज की गई थी. पुलिस अनुसंधान के बाद सीवान की निचली अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए 24 अप्रैल 2019 को मौत की सजा सुनाई थी और दी गई सजा की पुष्टि के लिए केस का सारा रिकॉर्ड हाईकोर्ट को भेज दिया था. आरोपी ने अपने आप को नाबालिग घोषित करने के लिए एक अर्जी निचली अदालत में दी थी, लेकिन निचली अदालत ने उसकी अर्जी को खारिज कर मौत की सजा दे दी.
हाईकोर्ट ने नाबालिग घोषित करने के लिए दी गई अर्जी पर मेडिकल बोर्ड का गठन करने का आदेश दिया. कोर्ट के आदेश पर मेडिकल बोर्ड ने सजायाफ्ता की उम्र जांच की. बोर्ड ने अपने रिपोर्ट में माना कि गत 3 अगस्त को जांच के दिन आरोपी की उम्र 19-20 साल है. रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने कहा कि घटना के दिन आरोपी 17 वर्ष एक माह 8 दिन का था. कोर्ट ने माना कि आरोपी 16 वर्ष से ज्यादा और 18 वर्ष से कम का है. ऐसे में घटना के दिन आरोपी नाबालिग था. कोर्ट ने कहा कि देश का कानून नाबालिग को सजा देने की इजाजत नहीं देता है. कोर्ट ने इस आधार पर उसे जेल से रिहा करने का आदेश दिया और पीड़िता के परिजनों को मुआवजा देने का आदेश दिया.

यह भी पढ़ें- सहरसा: गुस्से में पति ने पत्नी व तीन बच्चों पर फेंका तेजाब, सभी अस्पताल में भर्ती

Show More

Related Articles