आखिर नई शराब नीति पर क्या फंस गया पेंच, क्यों नहीं आ पाया कैबिनेट में प्रस्ताव

फंसा है पेंच

रांची : झारखंड सरकार की नई शराब नीति में पेंच फंस गया है। जिसकी वजह से कैबिनेट में इसका प्रस्ताव नहीं आ पाया। बताते चलें कि राज्य में शराब की खरीद-बिक्री के लिए छत्तीसगढ़ माडल लागू करने पर काम चल रहा है। राजस्व वृद्धि के लिए सरकार ने छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कारपोरेशन लिमिटेड को कंसल्टेंट नियुक्त किया था। उसने अपनी रिपोर्ट उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग को दी। इसकी समीक्षा की गई। इसके बाद उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री जगरनाथ महतो ने इस नई शराब नीति पर पिछले दिनों अपनी सहमति दे दी थी। इस पर कैबिनेट की सहमति लेने की योजना थी, लेकिन इससे पूर्व ही मामला लटक गया।

यहां पर फंसा है पेंच

उत्पाद विभाग ने वर्ष 2009 से वित्तीय वर्ष 2021-22 तक औसत ग्रोथ 20 फीसद बताया है। जबकि, परामर्शी छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कारपोरेशन लिमिटेड ने औसत ग्रोथ 15 फीसद ही बताया है। इसपर राजस्व परिषद की आपत्ति है कि औसत ग्रोथ पहले की तुलना में घटना कहां से राजस्व हित में है, इसे स्पष्ट करने की जरूरत है। तीन सदस्यीय समिति ने इस नई शराब नीति से संबंधित कुछ सुझाव के साथ प्रशासी विभाग को फाइल वापस कर दी है।

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