कोरोना के दौरान हर दिन जमा हुआ 84.61 टन मेडिकल कचरा

बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण को लेकर संजय सेठ ने उठाए सवाल

– मेडिकल वेस्ट का डेटा नहीं देने पर 9 राज्यों को भेजा गया नोटिस

– मेडिकल कचरे के निष्पादन के लिए देशभर में 208 प्लांट कर रहे काम

रांची : रांची के लोकसभा सांसद संजय सेठ ने बायोमेडिकल वेस्ट और उसके निस्तारण को लेकर लोकसभा सत्र में सवाल उठाए हैं। सांसद ने केंद्र सरकार से पूछा कि देशभर में हर दिन कितने बायोमेडिकल वेस्ट उठाए जा रहा हैं और उसके निस्तारण के लिए सरकार क्या उपाय कर रही है। इसके जवाब में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने लिखित जवाब में कहा है कि साल 2020 में हर दिन 656 टन प्रति दिन बायोमेडिकल वेस्ट जमा हुए हैं। इसमें कॉमन बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट एंड डिस्पोजल फैसिलिटी (सीबीडबल्यूटीएफ) के तहत 590 टन प्रतिदिन जमा और निस्तारित किए गए हैं। साथ ही यह भी बताया है कि मई 2020 से फरवरी 2022 तक 84.61 टन कोविड-19 बायोमेडिकल वेस्ट जमा और निस्तारित किए गए हैं। इसके निस्तारण के लिए देशभर के राज्यों में 208 सीबीडबल्यूटीएफ बनाए गए हैं। साथ ही निस्तारण की प्रक्रिया क्या हो, इसको लेकर भी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की तरफ से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस दिशा-निर्देश के उल्लंघन की देशभर में कोई लिखित शिकायत नहीं की गई है। हालांकि डेटा उपलब्ध ना कराने को लेकर देशभर के 9 राज्यो के सीबीडबल्यूटीएफ को नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें झारखंड के दो सेंटर भी शामिल है। झारखंड के अलावा कर्नाटक के 15, महाराष्ट्र के 5, बिहार, गुजरात, मध्यप्रदेश, तेलंगाना में दो-दो, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश में एक को नोटिस भेजा गया है। इसके अलावा मेडिकल वेस्ट जमा करने में लगे श्रमिकों की सुरक्षा के लिए भी गाइडलाइन जारी किए गए हैं। इसके तहत थ्री लेयर मास्क का प्रावधान, स्प्लैश प्रूफ एप्रन-गाउन, नाइट्राइल ग्लव्स, गम बूट्स और सेफ्टी गॉगल्स के इस्तेमाल को अनिवार्य किया गया है। जानकारी के मुताबिक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों-प्रदूषण नियंत्रण समितियों (एसपीसीबी-पीसीसी) द्वारा प्रस्तुत वार्षिक रिपोर्ट के आधार पर बायोमेडिकल वेस्ट (बीएमडब्ल्यू) के उत्पादन, संग्रह और उपचार के देशव्यापी वार्षिक आंकड़ों का संकलन करता है।

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