बिहार में जहरीली शराब से मौत पर हाहाकार, दो दिनों में करीब 20 लोगों की खत्म हुई जीवन लीला

बिहार की मौजूदा नीतीश सरकार शराबबंदी व शराब बेचने वालों के खिलाफ लाख कड़ाई कर ले, लेकिन ऐसा लग रहा है कि यह सिर्फ कागजों तक ही सीमित है.

 

बिहार की मौजूदा नीतीश सरकार शराबबंदी व शराब बेचने वालों के खिलाफ लाख कड़ाई कर ले, लेकिन ऐसा लग रहा है कि यह सिर्फ कागजों तक ही सीमित है. तभी तो राज्यभर से पिछले दो दिनों में करीब बीस लोगों की मौत की खबर सामने आई है.
ताजा मामला पश्चिम चंपारण के नौतन का है जहां गुरुवार को 11 लोगों की संदेहास्पद मौत हो गई. जबकि दो दर्जन से ज्यादा लोग बीमार हैं. उनका प्राइवेट अस्पतालों में इलाज चल रहा है. चर्चा है कि सबों की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है. हालांकि प्रशासन की ओर से जहरीली शराब से मौत की पुष्टि नहीं कर रही है. इधर, मृतकों के परिजन आनन-फानन में शव का अंतिम संस्कार करने में जुटे हुए हैं.
त्योहारों के दौरान पिछले कुछ समय से जहरीली शराब से होने वाले मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है, जो पुलिस प्रशासन पर कई सवाल खड़े कर रहा है.
शराबबंदी के मुद्दे पर विपक्ष भी नीतीश सरकार पर हमलावर है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ट्विटर के जरिये सरकार पर निशाना साधा है. तेजस्वी ने लिखा है कि इन चीख़ों का गड़बड़ DNA वाली NDA सरकार और तीन नंबरिया पार्टी के मुखिया पर कुछ फ़र्क नहीं पड़ता. जहरीली शराब से बिहार में दिवाली के दिन सरकार द्वारा 35 से अधिक लोग मारे गए.
हाँ! किसी की सनक से बिहार में कागजों पर शराबबंदी है अन्यथा खुली छूट है क्योंकि ब्लैक में मौज और लूट है.

 


तेजस्वी यादव के अलावे लोजपा नेता चिराग पासवान ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा है कि बिहार में शराबबंदी पूरी तरह विफल है. यह घटना मुख्यमंत्री जी के शराबबंदी के दावों की पोल खोलती है.

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