औरंगाबाद में शराब पकड़ने वाले कर्मचारी ही निकले शराब तस्कर, 4 गिरफ्तार

बिहार में जिस उत्पाद विभाग के कंधों पर सरकार ने शराब के निर्माण, बिक्री तथा इसके सेवन पर प्रतिबंध लगाने का जिम्मा दे रखा है, उसी विभाग के मुलाजिम यानी कर्मचारी शराब की तस्करी कर रहे है।

शराबबंदी कानून वाले बिहार में नीतीश कुमार के नुमाइंदे ही इस कानून की लुटिया लगातार डुबो रहे हैं. बिहार में जिस उत्पाद विभाग के कंधों पर सरकार ने शराब के निर्माण, बिक्री तथा इसके सेवन पर प्रतिबंध लगाने का जिम्मा दे रखा है, उसी विभाग के मुलाजिम यानी कर्मचारी शराब की तस्करी कर रहे है। औरंगाबाद से निकलकर आ रही खबर आपको हिला देगी बेशक बिहार में वर्ष 2016 से शराबबन्दी है।मगर इस बन्दी को सफल बनाने की जिम्मेवारी जिस पर है वही इसकी तस्करी में लगा हुआ है।इस मामले में कई पुलिस पदाधिकारियों पर गाज भी गिर चुकी है।लेकिन जो रक्षक है वही भक्षक बनकर शराब के धंधे को परवान दे रहे हैं।ऐसा ही एक मामला जिले में सामने आया है जहां उत्पाद विभाग के बड़ा बाबू समेत चार लोगों को शराब तस्करी के आरोप में न सिर्फ पकड़ा गया है बल्कि उनके घर से देशी और अंग्रेजी शराब के बोतल भी बरामद हुए हैं।गिरफ्तार व्यक्तियों में उत्पाद विभाग के बड़ा बाबू भूपेंद्र चौधरी, जमादार विनोद प्रसाद, सिपाही अजय कुमार, सिपाही सर्वजीत कुमार शामिल हैं। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने बताया कि शहर के नागा बिगहा मुहल्ले के एक मकान में किराए पर रह रहे बड़ा बाबू और 3 पुलिसकर्मी शराब की तस्करी में लिप्त है और उनके द्वारा न सिर्फ शराब का सेवन किया जाता है बल्कि गलत तरीके से उसकी बिक्री भी की जा रही है। इसका खुलासा जिले में तब हुआ जब डीएम सौरभ जोरवाल के निर्देश पर छापेमारी की गई जिसमे औरंगाबाद के सदर एसडीओ विजयंत तथा एसडीपीओ गौतम शरण ओमी ने छापेमारी की तो वो भी हैरान रह गए. नागा बिगहा स्थित उक्त मकान में जिसमे चारो रहते थे वहां छापेमारी कराई गई।जहां से शराब की बरामदगी हुई और उत्पाद विभाग के चार कर्मियों को इन अफसरों ने धर दबोचा। छापामारी में 13 बोतल शराब मिली जिसके बाद इन सभी को पकड़ा गया. कुल 13 बोतल देशी विदेशी शराब छापेमारी के दौरान बरामद हुई है।इनमें से 200 एमएल के दो बोतल टनाका ब्रांड का देशी शराब,3 बोतल 750 एमएल एवं 7 बोतल 375 एमएल का अंग्रेजी शराब तथा एक बोतल 200 एमएल का खुला हुआ देशी शराब शामिल है। उत्पाद अधीक्षक सीमा चौरसिया द्वारा इसकी प्राथमिकी नगर थाना में दर्ज करा दी गई है। दरअसल, मामले में पुलिस की जहां एक ओर नाक काट रही है वहीं दूसरी ओर शराबबंदी को लेकर इनकी नाकामी उभर कर लोगों के सामने भी आ गयी है. ऐसे में झल्लाये नगर थानाध्यक्ष कवरेज के लिये वहां मौजूद मीडियाकर्मियों से ही उलझ पड़े. थानेदार मीडियाकर्मियों को धमकी तक देने लगे जिसका मीडियाकर्मियों ने भी जमकर विरोध किया.

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