दुग्ध उत्पादकों की आय में वृद्धि को लेकर कृषि मंत्री की पहल का असर, गुणवत्ता के आधार पर मिलेगा मूल्य

मेधा डेयरी ने बढ़ाया दुग्ध उत्पादकों  के दूध की क़ीमत

राची : कृषि मंत्री बादल पत्रलेख की किसानों एवं दुग्ध उत्पादकों के प्रति सकारात्मक सोच अब आकार लेने लगी है। बीते 15 दिसंबर को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष मिनेश शाह के साथ कृषि मंत्री बादल और विभागीय सचिव अबूबकर सिद्दीकी की हुई बैठक के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसके तहत झारखंड दुग्ध महासंघ से जुड़े हुए किसानों द्वारा दिए गए दूध की कीमत में गुणवत्ता के आधार पर 2 से 3 % की बढ़ोतरी की गई है। इस बारे में झारखंड दुग्ध महासंघ के प्रबंध निदेशक सुधीर कुमार सिंह ने जानकारी दी कि 21 फरवरी 20-22 के प्रभाव से झारखंड के किसानों को बढ़ी हुई कीमत के साथ भुगतान किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उपभोक्ताओं के लिए दूध की कीमत में किसी भी तरह की बढ़ोतरी नहीं की जाएगी और उपभोक्ता पूर्वक पुरानी कीमतों में ही दुग्ध तथा अन्य उत्पाद प्राप्त कर सकेंगे। मंत्री बादल कृषि के क्षेत्र में कई बदलाव कर चुके हैं, साथ ही कृषक, दुग्ध उत्पादक और पशुपालकों के लिए के योजनाओं का शुभारंभ किया है। बता दें कि 1 अप्रैल 2021 को बादल ने दुग्ध उत्पादकों को एक रुपए प्रति लीटर की सब्सिडी का लाभ भी दिया था। बादल ने राज्य के किसान परिवारों से कहा है कि ज्यादा से ज्यादा किसान मुख्यमंत्री पशुधन योजना से जुड़े। झारखंड दुग्ध महासंघ के प्रबंध निदेशक ने बताया कि दुग्ध उत्पादकों की कीमत में हुई इस बढ़ोतरी से प्रदेश के किसानों की आय में बढ़ोतरी तो होगी ही, साथ ही झारखंड दुग्ध महासंघ किसानों की आय में वृद्धि की दिशा में गोबर खाद प्रबंधन योजना, मधुमक्खी पालन योजना जैसे कदम भी उठाए जा रहे हैं। दूध की कीमतों में हुई वृद्धि से किसानों के बीच खुशी का माहौल है।

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