बोर्ड-निगम का पद स्‍वीकार नहीं करेंगे कांग्रेस विधायक

पार्टी के चिंतन शिविर में यह मामला उठाने के बाद विधायक ने यह तय किया

रांचीगिरिडीह : कांग्रेस के विधायक राज्‍य के बोर्ड और निगम में प्रमुख का पद स्‍वीकार नहीं करेंगे। पार्टी के चिंतन शिविर में यह मामला उठाने के बाद विधायक ने यह तय किया। उन्‍होंने ये पद कार्यकर्ताओं को देने का सुझाव दिया। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत ने बताया कि विधायक क्षेत्र में दिन-रात काम करने वाले कार्यकर्ताओं को यह पद देकर सम्मानित करना चाहते हैं। उन्हीं के लिए बोर्ड और निगम का बंटवारा जरूरी है। विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने पार्टी में समर्पित लोगों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्‍होंने कहा कि नए लोगों का स्वागत हो। हालांकि पार्टी की विचारधारा से जुड़ने के बाद ही उन्‍हें जिम्मेदारी दी जाए। विधायक राजेश कच्छप ने कहा कि झारखंड का आदिवासी समाज आज एक रहनुमा की तलाश कर रहा है। सरकार को लेकर हम जरूर चले, लेकिन हम पर भरोसा करने वालों को नहीं भूलें। विधायक ममता देवी ने राज्य में भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 का सख्ती से अनुपालन किए जाने का मामला उठाया। उन्‍होंने कहा कि कुछ कानून केंद्र ने थोप दिया है। इसे लेकर बातचीत जरूरी है। कार्यकारी अध्यक्ष गीता कोड़ा ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता ही पार्टी की ताकत हैं। इनका जल्द से जल्द सम्मान होना चाहिए। वरिष्ठ नेता अशोक चौधरी ने सरकार से सीधे बातचीत करने के लिए को-ऑर्डिनेशन कमेटी के ऊपर एक स्क्रीनिंग कमेटी बनाने की बात कही। उन्होंने सुझाव दिया इसमें एक ऐसे नेता को रखें, जो सरकार से आंख से आंख मिलाकर बात कर सके।

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