बजट सत्र : हंगामें के बीच सदन में 2,698 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश

बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा देने की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया

रांची : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सोमवार को हंगामे के बीच वित्त मंत्री  रामेश्वर उरांव ने अनुपूरक बजट पेश किया है। 2,698 करोड़ का बजट पेश किया गया है। बजट पेश करने के साथ ही सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।  इससे पहले विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन भाजपा ने सदन के बाहर और अंदर हंगामा किया। सदन की कार्यवाही शुरू भाजपा विधायकों ने बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा देने की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। स्पीकर ने कहा कि यह मामला पहले भी सत्र के दौरान आया है। इस मामले पर उनके न्यायाधिकरण में लगातार सुनवाई चल रही है। कहा कि 10 फरवरी को भी इस मामले पर सुनवाई हुई है। स्पीकर के बोलने पर भाजपा के विधायक अपनी सीट पर बैठ गए। इससे पहले भाजपा विधायकों ने सदन के बाहर प्रदर्शन किया। रंधीर सिंह, नीरा यादव, आलोक चौरसिया, मनीष जायसवाल सहित भाजपा विधायकों ने बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा देने की मांग कर रहे थे। इस दौरान भाजपा विधायकों ने जमकर नारेबाजी भी की।

नीति को आधार बनाने का मामला विचाराधीन : आलमगीर आलम

आजसू विधायक लंबोदर महतो के सवाल का जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि 1932 के खतियान को स्थानीय नीति का आधार बनाने का मामला विचाराधीन है। विधायक बंधु तिर्की ने कहा कि स्थानीय नीति अहम है। पूर्व सरकार की नीति रद होनी चाहिए। आलमगीर आलम ने यह भी कहा कि स्थानीय नीति पर सरकार जल्द निर्णय लेगी। उनके इस जवाब के बाद आसन के समक्ष पहुंच कर भाजपा विधायक हंगामा करने लगे। उनका आरोप है कि मंत्री इस मामले में गोलमोल जवाब दे रहे हैं। बाद में भाजपा विधायक सीट पर लौटकर कर नारेबाजी करने लगे।

स्थानीय नीति पर उच्च न्यायालय के आदेश का हो रहा अध्ययन : सीएम

स्थानीय नीति के सवाल पर सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि स्थानीयता नीति पर उच्च न्यायालय के आदेश पर अध्ययन हो रहा है। इससे पहले इस मुद्दे पर जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि यह मामला विचाराधीन है। लंबोदर महतो के प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने यह जवाब दिया। विधायक बंधु तिर्की ने कहा कि स्थानीय नीति बेहद अहम है। पूर्व की सरकार में बनी नीति को रद्द किया जाना चाहिए। आलमगीर आलम ने कहा कि स्थानीय नीति पर जल्द निर्णय होगा। इससे पहले विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों ने विधानसभा के बाहर अपनी-अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

: हेमंत सोरेन

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बजट सत्र के दौरान सदन में यह स्पष्ट कर दिया है कि झारखंड सरकार शराबबंदी लागू नहीं करेगी। सरकार के पास इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं है। मालूम हो कि झामुमो के विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने पिछले दिनों सदन में मुख्यमंत्री से झारखंड में शराबबंदी लागू करने की मांग की थी। मालूम हो कि झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन ने भी झामुमो के स्थापना दिवस पर शराबबंदी की वकालत की थी।

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