बजट सत्र : अध्यक्ष महोदय, मंत्री का जवाब ही गलत है : बिनोद सिंह

बगोदर के लोगों को नहीं मिल रहा है पानी

रांची : झारखंड विधानसभा में गुरुवार को कोनार डैम का मामला उठा। माले विधायक बिनोद सिंह ने मंत्री के जबाव पर असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि अध्यक्ष महोदय मंत्री का जवाब ही गलत है। बगोदर के लोगों को कोनार डैम से पानी नहीं मिल रहा है। अबतक केनाल के टूटे हुए हिस्से की मरम्मति के लिए निविदा नहीं निकली गई है। यह योजना 1975 की है। प्राक्कलित राशि कई बार बढ़ाई गई। कोनार नहर में रेलवे का चिचाकी रेलवे लाइन पर क्रोसिंग केनाल नहीं बना है, जबकि खटेया में केनाल टूटने के बाद बगोदर में पानी आपूर्ति रोक दी गई है। जवाब में मंत्री ने कहा कि खटेया केनाल टूट गया था, मरम्मति शुरू की जा रही है। 24 फरवरी 2022 को इसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट मंगा लिया गया है। कहा कि ग्रामीणों की मांग पर 14 किमी में सिंचाई हो रही है। कहा है कि बहुत जल्द रेलवे क्रोसिंग से पहले केनाल चालू करेंगे।

भानु प्रताप की मांग बिजली कनेक्शन दर आय के आधार पर तय हो, सरकार ने किया इंकार

बिजली कनेक्शन का दर आय के आधार पर तय करने की मांग भाजपा विधायक भानुप्रताप शाही ने सदन में की। उन्होंने कहा कि गांव में कोई एक एकड़ वाला किसान है और कोई पांच एकड़ वाला भी किसान है। यही हाल शहर में रहने वाले लोगों की भी है। किसी की आय ज्यादा तो किसी की कम है। ऐसे में सभी से एक समान राशि बिजली कनेक्शन के लिए लेना ठीक नहीं है। हालांकि सरकार की ओर से जवाब देते हुए प्रभारी मंत्री बादल पत्रलेख ने इससे इंकार कर दिया है। मंत्री ने कहा है कि हमारी सरकार बिजली बिल में कई तरह की रियायत गरीब और किसानों को दे रही है। जिसमें 100 यूनिट फ्री बिजली भी शामिल है।

मंत्री जी कनेक्शन और बिजली यूनिट दो अलग अलग चीज है

भानु प्रताप शाही ने कहा कि मंत्री जी कनेक्शन और बिजली यूनिट दोनों अलग अलग चीज हैं। मैं बिजली कनेक्शन लेने में लगने वाली राशि में राहत देने की मांग कर रहा हूं। इसपर आपका जवाब नहीं मिल रहा है। विधायक नवीन जायसवाल ने इसी सवाल को आगे बढाते हुए कहा कि किसान इज्जत से बिजली का उपयोग कर सके, इसके लिए कनेक्शन में लगने वाली राशि को कम किया जाए।

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