हेमंत सरकार अंग्रेजों से भी ज्यादा अत्याचारी सरकार: अमर बाउरी

भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं चंदनकियारी विधायक सह पूर्व मंत्री अमर कुमार बाउरी ने हेमन्त सरकार पर जमकर हमला बोला।

झारखंड की हेमन्त सरकार को अत्याचारी अंग्रेजों की सरकार बताते हुए भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं चंदनकियारी विधायक सह पूर्व मंत्री अमर कुमार बाउरी ने हेमन्त सरकार पर जमकर हमला बोला। प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अमर बाउरी ने कहा कि राज्य में भय का वातावरण है, हर तरफ लूट, राजस्व की चोरी, भ्रष्टाचार व्याप्त है। आज हालात ऐसे है कि हेमंत सोरेन के खिलाफ राज्य की जनता में आक्रोश बन रहा है और आने वाले समय में राज्य की जनता हेमंत सोरेन के खिलाफ अपना जवाब जरूर देगी। वे राज्य सरकार के 2 वर्षों का लेखा जोखा मीडिया के समक्ष पेश करते हुए कहा कि राजस्व, निबंधन भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार व्याप्त है। आम जनता द्वारा म्यूटेशन आवेदन पर बोलियां लगाई जाती हैं। आज जनता अपने जमीन के म्यूटेशन करवाने से भी डर रही है। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन की ही सरकार में एक जमीन मामले में गठित किए गए एसआईटी जांच का पूरा फाइल गायब हो जाता है। जो नाटकीय तरीके से महीनों बाद वापस मिलता है। लेकिन जांच रिपोर्ट में जो आरोपी पाए जाते हैं उन पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि राज्य में बालू घाट कि कोई नीलामी नहीं हुई है, लेकिन किसी भी नदी में आज बालू नहीं बचा है। राज्य सरकार 100 करोड से भी अधिक राजस्व की चोरी दो वर्षों में कर चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य में आज वही स्थिति बनी हुई है जो मधु कोड़ा के समय में बनी हुई थी। उन्होंने कहा कि राज्य का पैसा देश के 5 राज्यों में होने वाले चुनाव में जा रहा है।

वहीं सिमडेगा जिला के संजू प्रधान की हत्या के मामले में उन्होंने कहा कि एक तरफ राज्य सरकार मॉब लिंचिंग पर कानून बना रही है वहीं दूसरी तरफ राज्य में मॉब लिंचिंग की घटनाएं हो रही है। उन्होंने मांग किया कि संजू प्रधान की हत्या की जांच सीबीआई से करवाई जाए, साथ ही पीड़ित परिवार को ₹1000000 का मुआवजा, सरकारी सुरक्षा और एक आश्रित को एक सरकारी नौकरी दी जाए। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो पार्टी नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के समक्ष आंदोलन व न्याय के लिए राष्ट्रपति से मुलाकात करने को बाध्य होगी।

राज्य सरकार द्वारा पंचायत चुनाव नहीं करवाए जाने के विषय में उन्होंने कहा कि सरकार डरी हुई है। पहले तो पार्टी आधारित चुनाव पर रोक लगा दी गयी और वहीं दूसरी तरफ सरकार मुखिया और अन्य जनप्रतिनिधियों के डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से पैसे की निकासी कर रही है। राज्य सरकार 2 वर्ष के कोरोनाकाल को अवसर में बदल रही है।

पर्यटन के क्षेत्र में बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी तक मात्र 0% ही खर्च पर्यटन के क्षेत्र में किया है। जबकि अपने भाषणों में हुए राज्य को पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की बातें करते रहे। उन्होंने कहा कि यह सरकार ट्विटर पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में यह सरकार सक्षम साबित नहीं हो रही है।

कला संस्कृति एवं खेल कूद विभाग के विषय में उन्होंने कहा कि रघुवर दास की सरकार ने जेएसएसपीएस के माध्यम से लाखों खिलाड़ियों के बीच से 1400 बच्चों का चयन कर उन्हें ओलंपिक के लिए तैयार करने का कार्य शुरू किया था। यह बच्चे अपने 3 वर्ष के प्रशिक्षण के दौरान अंडर 18 अंडर 16 अंडर 14 वर्ग में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मेडल जीत चुके हैं। उन को प्रशिक्षित करने के लिए पिछली सरकार ने द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित कोच को रखा था लेकिन आज यह सभी कोच वापस चले गए और 1400 बच्चों का प्रशिक्षण भी पिछले 2 वर्षों से रुका हुआ है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य में सिर्फ टेंडर के माध्यम से अपनी तिजोरी भरने का काम कर रही है। उन्होंने बताया कि छात्रों को साइकिल देने के मामले में भी राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी के बच्चों को अधिकारियों द्वारा प्रमाणित सर्टिफिकेट देने की बात कही है। जबकि अल्पसंख्यकों को सिर्फ स्वघोषित पत्र ही देना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का अल्पसंख्यकों के प्रति यह रवैया सिर्फ रोहंगिया और बांग्लादेश से आए अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता दिलवाना है।

रिपोर्ट- अमर कुमार मिश्रा, रांची

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