इमामगंज के बन्दोहरी में जुगाड़ टेक्नोलॉजी से गन्ना की पेराई

इमामगंज प्रखंड के बंदोहरी गांव में जुगाड़ टेक्नोलॉजी के माध्यम से गन्ना का रस निकाल कर उससे गुड बनाने की चर्चा चौक-चौराहे पर जमकर की जा रही है।

इमामगंज प्रखंड के बंदोहरी गांव में जुगाड़ टेक्नोलॉजी के माध्यम से गन्ना का रस निकाल कर उससे गुड बनाने की चर्चा चौक-चौराहे पर जमकर की जा रही है। इस जुगाड़ टेक्नोलॉजी के माध्यम से समय के साथ ही साथ पैसे की बचत हो रही है। पौराणिक तरीके से गन्ना की रस निकालने में आज परेशानी के साथ ही साथ अधिक पैसा लगता है। इस संबंध में किसान विनोद प्रजापत,शालिग्राम कुमार,शिवनारायण प्रजापत एवं वासुदेव प्रजापत ने बताया कि लगभग एक घंटे से भी कम समय में एक कढ़ाह (गन्ना का रस उबालने का पात्र) पेराई कर ली जा रही है। इस जुगाड़ टेक्नोलॉजी के माध्यम से समय के साथ ही साथ पैसा की भी बचत हो रही है। उन्होंने बताया कि पौराणिक परंपरा से गन्ना की पेराई और जुगाड़ टेक्नोलॉजी से पेराई में लगभग चालीस रुपये की बचत हो रही है। किसान गन्ना पेरने वाली मशीन को लकड़ी के एक बल्ले से वाइक को जोड़ दिया है. वाइक को चालक के द्वारा चलाया जाता है और किसान द्वारा मशीन में गन्ना लगाया जाता है। जिससे रस निकलते जाता है। ग्रामीण जितेंद्र कुमार दांगी ने बताया कि बंदोहरी गांव के किसान के द्वारा जुगाड़ टेक्नोलॉजी से गन्ना की पेराई को देखने के लिए आसपास के गांव के किसान जुट रहे है। लोगों ने बताया कि इस टेक्नोलॉजी से समय के साथ ही साथ रुपये की भी बचत किसान कर रहे है।

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