शराबबंदी वाले बिहार का हाल, पिछले दस महीनों में पकड़ी गई करीब 39 लाख लीटर शराब

शराबबंदी वाले राज्य में जहरीली शराब से होने वाली मौतों में लगातार हो रहे इजाफे के बाद आखिरकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 16 नवंबर को समीक्षा बैठक करने का ऐलान किया.

बिहार की नीतीश सरकार आज से करीब 5.5 साल पहले पूरे राज्य में पूर्ण शराबबंदी कर दी थी. बावजूद इसके राज्यभर में जहरीली शराब से मरने वाले लोगों की संख्या में लगातार इजाफा होता रहा. शराबबंदी वाले राज्य में जहरीली शराब से होने वाली मौतों में लगातार हो रहे इजाफे के बाद आखिरकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 16 नवंबर को समीक्षा बैठक करने का ऐलान किया.
इससे पहले पुलिस मुख्यालय ने शराब से संबंधित कुछ आंकड़े पेश किये. इन आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 10 महीनों में 38 लाख 72 हजार 645 लीटर शराबद बरामद औऱ जब्त किया गया. इसमें ज्यादातर विदेशी शराब है, जो दूसरे राज्यों से बिहार पहुंच रही है. राज्य की पुलिस ने इस साल अक्टूबर तक 25 लाख 79 हजार 415 लीटर विदेशी शराब और 12 लाख 93 हजार 229 लीटर देशी शराब बरामद किया है.
पुलिस मुख्यालय ने आगे बताया कि शराब बरामदगी के मामले में अव्वल रहे पांच जिलों के नाम हैं- 45,63,59 लीटर शराब के साथ वैशाली, 35,00,85 लीटर के साथ पटना, 25,64,80 लीटर के साथ मुजफ्फरपुर, 23,25,42 लीटर के साथ औरंगाबाद और 223767 लीटर के साथ मधुबनी.
इसके अलावे गिरफ्तारी के मामले में शीर्ष पांच जिलों के नाम हैं- 6855 गिरफ्तारियों के साथ पटना, 3872 गिरफ्तारियों के साथ सारण, 2832 गिरफ्तारियों के साथ मोतिहारी, 2814 गिरफ्तारियों के साथ नवादा और 2660 गिरफ्तारियों के साथ मुजफ्फरपुर.

बिहार पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, हत्या, लूट, रेप जैसे तमाम जघन्य अपराध से ज्यादा छापेमारी और गिरफ्तारी शराब के लिए हुई. इसके मुताबिक इस साल जनवरी से अक्टूबर माह तक शराबबंदी कानून के अन्तर्गत पूरे राज्य में कुल 49900 मामले दर्ज किये गये. शराब के मामलों में कुल 62 हजार 140 लोगों को गिरफ्तार किया गया.

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