जातिगत जनगणना राष्ट्र हित में, पुनर्विचार करे केंद्र: नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर केंद्र से जातिगत जनगणना कराने की मांग ऐसे समय में दोहराई है, जब केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर साफ कह दिया है कि वह जातिगत जनगणना नहीं कराएगी.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने एक बार फिर केंद्र से जातिगत जनगणना कराने की मांग ऐसे समय में दोहराई है, जब केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर साफ कह दिया है कि वह जातिगत जनगणना नहीं कराएगी. नीतीश कुमार ने कहा है कि यह राष्ट्रीय हित में है और इससे विकास की दौड़ में पिछड़ रहे समुदायों की प्रगति में मदद मिलेगी.

जबकि इसके उलट सुप्रीम कोर्ट में दिए हलफनामें में केंद्र सरकार ने कहा है कि जातिगत जनगणना नहीं होगी, और यह फैसला काफी सोच समझकर लिया गया है. केंद्र ने कहा कि 2021 में जातिगत जनगणना नहीं की जा सकती है. पहले एससी और एसटी जातियों की जनगणना होती आ रही है, और इस बार भी वह होगी. लेकिन इससे अलग किसी और जाति की गणना नहीं होगी.

गौरतलब है कि अभी कुछ दिन पहले ही बिहार में पक्ष-विपक्ष के सभी दलों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में जातिगत जनगणना के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिला था. इसमें राष्ट्रीय जनता दल, बिहार भाजपा, वाम दलों समेत सभी पार्टियों के नेता दिल्ली में प्रधानमंत्री से मिले थे. अब उसके कुछ दिनों बाद ही केंद्र सरकार ने कह दिया है कि जातिगत जनगणना नहीं कराई जाएगी.

अब ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इस मुद्दे को लेकर अगला कदम क्या होता है.

 

 

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