ओबीसी के साथ न्याय होगा, आरक्षण पर सरकार जल्द लेगी निर्णय : हेमंत सोरेन

सीएम प्रश्नकाल में विधायकों ने उठाए कई सवाल, सीएम ने दिया जवाब

रांची : सोमवार को दिन के 12 बजे मुख्यमंत्री प्रश्नकाल शुरू हुआ। आजसू विधायक लंबोदर महतो ने ओबीसी को आरक्षण का मामला उठाया। उन्होंने 27 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अनुशंसा के आधार पर आरक्षण देना चाहती है या नहीं, इसे सरकार स्प्ष्ट करे। इसका जवाब देते हुए सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि 27 प्रतिशत से 14 प्रतिशत किसने किया? हम इतने क्रूर नहीं हैं, दूसरे राज्य का उदाहरण हम सुनते हैं। महाराष्ट, तमिलनाडू सहित अन्य राज्यों का अध्ययन कर रहे हैं। सभी राज्यों के प्रावधानों का अध्ययन करके निर्णय लेंगे। सुदेश कुमार महतो ने कहा कि मांइस का काम 2000 बंद है। उन्होंने पुनर्वास आयोग के गठन का मामला मुख्यमंत्री प्रश्नकाल में उठाया। मुख्यमंत्री का जवाब  विस्थापन राज्य की बड़ी समस्या जमीन देनेवाले लोग बाहर हैं। महिलाएं सड़क पर खड़े हैं। केस मुकदमा हो रही है। सीएम ने जवाब देते हुए कहा कि संबंधित विभाग से संपर्क बना हुआ है। इस विषय को हम गंभीरता से लेते हैं। भारत सरकार से कभी मुआवजा नहीं मिला है। शशि भूषण मेहता ने सवाल उठाते हुए कहा कि हिंदी भाषा 90 प्रतिशत लोग इस्तेमाल करते हैं। अधिकांश जिलों में सबसे अधिक बोले जाने वाली भाषा हिंदी है। कर्मचारी चयन आयोग में हिंदी को हटा दिया गया। क्षेत्रीय भाषा को अनिवार्य बना दिया गया। हिंदी को पुन: नियोजन नीति में शामिल किया जाए, ताकि अभ्यार्थियों के साथ न्याय हो सके। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जवाब देते हुए कहा कि भाषा, स्थानीय नीति पर विवाद पैदा किया जा रहा है। सरकार प्रयास कर रही है कि स्थानीय लोगों को नौकरी और रोजगार मिले। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा हिंदी और अंग्रेजी का 100 अंक का पहले से प्रावधान है। पहले से हिंदी और अंग्रेजी मुख्य कोर्स में है। इसे डब्लिंग करने की क्या जरूरत है। पहले मेन्स और पीटी में दोनों भाषा होता था। स्थानीय लोग भी कैसे भागीदारी लें, इसकी व्यवस्था की गई है। दुबारा जोड़ने की जरूरत नहीं है। विधायक अंनत ओझा ने कहा कि संविदा कर्मी की नियुक्ति के मामले का उठाया। इसमें आऊटसोर्सिंग शब्द हटाया जाए। इन्हें नियमितकरण किया जाए।

अनुबंध कर्मियों के मामले में विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी बनी है

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अनुबंध कर्मियों के मामले में विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जहां तक डीए या अन्य चीजों को बढाने की बात है सरकार 113 से बढ़ाकर 196 प्रतिशत कर दी गई है। जहां तक आऊटसोर्सिंग की बात हो तो केंद्र सरकार भी इसके तहत काम कर रही है। यही कारण है कि हमने अलग से निजी क्षेत्रों में 75 प्रतिशत आरक्षण देने निर्णय लिया है। कई योजनाओं केंद्र और राज्य सरकार शुरू करती है। यह योजना थोड़े समय के लिए होता है। कई अवसरों पर काम कराना जरूरी होता है। आऊटसोर्सिंग के परमानेंट हल निकालने का प्रयास कर रही है।

Show More

Related Articles