संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाशेलेट का बयान, बुज़ुर्गों के अधिकारों की रक्षा, पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाशेलेट ने कहा है कि आज के समय में, वृद्धजन के बुनियादी अधिकारों की हिफ़ाज़त सुनिश्चित करने की ज़रूरत पहले से कहीं ज़्यादा है.

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाशेलेट ने कहा है कि आज के समय में, वृद्धजन के बुनियादी अधिकारों की हिफ़ाज़त सुनिश्चित करने की ज़रूरत पहले से कहीं ज़्यादा है.
उन्होंने कहा कि आज वृद्धजन को पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत संरक्षण की आवश्यकता है ताकि वो अपने मानवाधिकारों का पूर्ण आनन्द उठा सकें.“मगर वास्तविकता ये है कि अन्तरराष्ट्रीय क़ानूनी ढाँचे अब भी वृद्धजन को अदृश्य बनाते हैं जबकि उन ढाँचों को किसी भेदभाव के बिना ही हर एक व्यक्ति को हिफ़ाज़त मुहैया करानी चाहिये.”

दरअसल, न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में सोमवार को आयुवृद्धि पर एक कार्यकारी समूह की बैठक को सम्बोधित कर रही थीं. मिशेल बाशेलेट ने बुज़ुर्गों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार, हिंसा और उनकी अनदेखी का ख़ात्मा करने के लिये कार्रवाई किये जाने और ऐसा माहौल बनाने की पुकार लगाई जहाँ उन्हें गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ आसानी से उपलब्ध हों जिनमें दीर्घकालीन देखभाल भी शामिल है.

मिशेल बाशेलेट ने कहा कि वर्ष 2050 तक 65 वर्ष और उससे ज़्यादा उम्र के व्यक्तियों की संख्या आज की तुलना में दोगुनी होगी और वो 15 से 24 वर्ष की उम्र के लोगों की संख्या से ज़्यादा होगी.
उन्होंने कहा, “हमें ख़ुद से पूछना चाहिये: उस समय तक हम किस तरह की दुनिया में रहना चाहते हैं. मैं एक ऐसी दुनिया की कल्पना करना चाहती हूँ जहाँ बुज़ुर्गों को हर स्थान पर एक गरिमापूर्ण जीवन, आर्थिक सुरक्षा के साथ जीने की गारण्टी हो.”

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