म्यांमार में तख्तापलट के बाद सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए सैकड़ों लोग, मानवाधिकार आयोग ने जताई चिंता

म्यांमार में जबसे तख्तापलट हुआ है उसके बाद से सुरक्षा बलों के हाथों एक हज़ार 600 से अधिक लोग मारे गए हैं, जबकि साढ़े 12 हज़ार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है.

म्यांमार में जबसे तख्तापलट हुआ है उसके बाद से सुरक्षा बलों के हाथों एक हज़ार 600 से अधिक लोग मारे गए हैं, जबकि साढ़े 12 हज़ार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है.
यूएन मानवाधिकार कार्यालय की एक नई रिपोर्ट में म्याँमार में मानवाधिकार हनन के गम्भीर मामलों के प्रति चेतावनी जारी करते हुए कहा गया है कि इन मामलों को युद्ध अपराध और मानवता के विरुद्ध अपराध की श्रेणी में रखा जा सकता है.
रिपोर्ट के निष्कर्षों के अनुसार म्याँमार की सेना और सुरक्षा बलों ने आबादी वाले इलाक़ों में हवाई कार्रवाई और भारी हथियारों से बमबारी की है, और जानबूझकर आमजन को निशाना बनाया गया है. उन्होंने कहा कि म्याँमार की जनता ने जिस स्तर पर अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के उल्लंघन व पीड़ा को झेला है, उसके मद्देनज़र एक पुख़्ता व एकजुट अन्तरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया दी जानी होगी.

मानवाधिकार का हनन-
रिपोर्ट के निष्कर्ष, हनन के कुल मामलों के कुछ ही अंश को दर्शाता है, जिन्हें राष्ट्रव्यापी दमन कार्रवाई के दौरान अंजाम दिया गया. हत्याओं और सामूहिक रूप से हिरासत में लिये जाने के अलावा, कम से कम चार लाख 40 हज़ार लोग विस्थापित हुए हैं, और एक करोड़ 40 लाख लोगों को तत्काल मानवीय सहायता की आवश्यकता है.

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