पूर्व सीएम जीतनराम मांझी का विवादित बयान, कहा राम कोई भगवान नहीं थे, वे काल्पनिक पात्र हैं

पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने भगवान राम को काल्पनिक बताया है. उन्होंने कहा है कि मैं राम को भगवान नहीं मानता, वे काल्पनिक पात्र हैं.

बिहार में सत्ताधारी एनडीए का हिस्सा पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने भगवान राम को काल्पनिक बताया है. उन्होंने कहा है कि मैं राम को भगवान नहीं मानता, वे काल्पनिक पात्र हैं. जीतन राम मांझी ने कहा कि देश से सारे सवर्ण औऱ उच्च जाति के कहलाने वाले लोग बाहरी हैं. वे भारत के मूल निवासी नहीं हैं.
जीतन राम मांझी ने कहा कि जो मांस खाता है, शराब पीता है, झूठ बोलता है, व्यभिचारी है, कम पढ़ा लिखा है ऐसे लोगों से पूजा कराने से क्या फायदा है. इस अवसर पर उन्होंने भगवान राम के ऊपर भी विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि हम खुले तौर पर कहना चाहते हैं कि हम राम को नहीं मानते. राम महर्षि बाल्मीकि और तुलसीदास द्वारा रचित काव्य ग्रंथ के एक पात्र थे. लेकिन जो राम को मानते हैं मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि राम ने तो शबरी के जूठे बेर खाए थे लेकिन तुम हमारा छुआ तक नहीं खाते हो.
जीतन राम मांझी ने कहा कि जो लोग सवर्ण औऱ उच्च जाति के लोग माने जाते हैं वे भारत के मूल निवासी नहीं हैं, वे बाहरी हैं. मांझी ने लोकमान्य तिलक और पंडित जवाहर लाल नेहरू की चर्चा की और कहा कि अतिपिछड़े, आदिवासी और दलित ही भारत देश के मूल निवासी हैं. बड़े और उच्च जाति के कहलाने वाले लोग बाहरी हैं. वे बाहर से भारत में आये हैं और वह हमारे देश के मूल निवासी नहीं हैं.

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